पंचायत की ओर से एक परिवार का हुक्का-पानी बंद करने का मामला
सीतापुर/जहांगीराबाद। थाना सदरपुर इलाके में पंचायत के तुगलकी फरमान से एक परिवार का हुक्का-पानी बंद कर जुर्माना लगाए जाने के हैरतअंगेज मामले में पुलिस ने पंचायत में शामिल फरमान सुनाने वाले कथित नौ लोगों के विरुद्ध धमकाने, जबरन वसूली के लिए दंड देने सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
पुलिस ने कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया है। उधर, पुलिसिया कार्रवाई के बाद भी पीड़ित परिवार बिरादरी की नाराजगी के खौफ से सहमा नजर आ रहा है। मालूम हो कि थानाक्षेत्र सदरपुर के पोखराकला गांव में रहने वाले प्रेम भार्गव के दरवाजे से बीती 6 दिसंबर 2018 की रात दो भैंसें चोरी हो गई थीं।
प्रेम को गांव के कुछ लोगों पर शक हुआ तो पंचायत को इसकी जानकारी दी। पंचायत में यह तय किया गया कि आरोपी गांव के ब्रह्मचारी बाबा के पवित्र स्थान पर कसम खाए। अगर उन्होंने चोरी की होगी तो सात दिनों में असर स्वरूप कुछ बुरा होगा।
कसम खाने के सात दिन बाद तक जब आरोपियों के साथ कुछ गलत नहीं हुआ तो पंचायत ने मान लिया कि प्रेम ने झूठा आरोप लगाया है। लिहाजा, पंचायत ने प्रेम के परिवार का हुक्का-पानी बंद करते हुए एक लाख के जुर्माने तथा सात जवार (गांव व बिरादरी) को खाना खिलाने का तुगलकी फरमान सुना दिया।
यह फरमान बाकायदा लिखित में जारी किया गया। सीतापुर के अलावा आसपास के कई जिलों में बिरादरी तक यह चिट्ठी पहुंचाई गई। पंचायत का यह तुगलकी फरमान गुरुवार को अखबारों की सुर्खियां बना तो पुलिस व प्रशासन हरकत में आया।
सदरपुर पुलिस ने पीड़ित प्रेम की तहरीर पर तुगलकी फरमान सुनाने वाली पंचायत में शामिल इंदर, हरीसन व नरेन्द्र निवासीगण पोखराकला, देवराम रावत निवासी बनवारीपुर, नेकराम निवासी आमा, लालबहादुर निवासी कोठिला, मैकूलाल निवासी रायपुर थाना रामपुर मथुरा, अभिषेक रावत निवासी बिरैचा थाना मानपुर तथा बिशम्भर निवासी भगौली थाना बड्डूपुर जिला बाराबंकी के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने कई संदिग्धों को उठाकर पूछताछ भी शुरू कर दी है। थाना प्रभारी सदरपुर सूर्यबली पांडेय ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिशें दी जा रही हैं।
हमारे संविधान में ऐसे फैसलों को कोई स्थान नहीं
हमारे देश के संविधान में इस तरह पंचायत द्वारा सुनाए गए फैसलों का कोई महत्व नहीं है। यह व्यक्ति के मानवाधिकारों का हनन है। प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
-नरेंद्र वर्मा, महमूदाबाद सपा विधायक
इस तरह का फैसला सरासर गलत
यदि इस तरह का फरमान सुनाया गया है तो सरासर गलत है। संविधान व कानून पंचायतों को ऐसी मनमानी करने का अधिकार नहीं देता है। प्रशासन संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करे।
-साकेंद्र वर्मा, कुर्सी, (बाराबंकी) भाजपा विधायक