खैराबाद (सीतापुर)। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से एक युवती की जान चली गई। कॉल के बाद जब एंबुलेंस नहीं पहुंची तो ठेलिया से बीमार युवती को अस्पताल लेकर पहुंचे। तब तक काफी देर हो चुकी है। आखिर में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतका के घर वालों का कहना था कि अगर एंबुलेंस समय से आ जाती तो शायद बेटी की जान बच जाती। हालांकि घर वालों ने शिकायत नहीं दर्ज कराई है। सीएचसी प्रभारी ने जांच कराने की बात कह रहे है।
खैराबाद इलाके के ग्राम मऊपुरवा निवासी रजनी 17 की शनिवार सुबह करीब छह बजे तबियत बिगड़ गई। रजनी को उल्टी व चक्कर आने लगे। इस पर चचेरे भाई संदीप ने 108 नंबर पर कॉल करके एंबुलेंस बुलाने का प्रयास किया। संदीप का कहना है कि कॉल करने पर बताया निकट की एंबुलेंस खराब है दूसरे जगह से बुलाते हैं। जब 25 मिनट बीत गए एंबुलेंस नहीं पहुंची।
इससे रजनी की हालत बिगड़ती जा रही थी। घर वाले ठेलिया से युवती को लेकर निजी चिकित्सालय पहुंचे। घर से अस्पताल की दूरी तय करने में करीब एक घंट लग गया। इससे काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल पर पहुंचते ही रजनी को मृत घोषित कर दिया गया। पिता श्याम किशोर का कहना है कि कॉल करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं आई। अगर समय से एंबुलेंस मिल जाती तो शायद रजनी की जान बच जाती।
खैराबाद सीएचसी पर एक 108 नंबर व दो 102 नंबर की एंबुलेंस हैं। अगर कोई एंबुलेंस खराब हो जाती है तो दूसरी भेज दी जाती है। जबकि सीएचसी से गांव की दूरी मुश्किल से छह किलोमीटर है। इस दूरी को तय करने में एंबुलेंस को केवल 10 मिनट ही लगते हैं। वहीं बरई जलालपुर पीएचसी पर एक एंबुलेंस है। अगर यहां से भी एंबुलेंस आती तो भी कम समय लगता है। इसकी दूरी केवल पांच किलोमीटर है। विभाग की इस संवेदनहीनता से युवती की जान चली गई।
कराई जाएगी जांच
सीएचसी की 108 की एंबुलेंस खराब थी। अगर यह खराब थी तो दूसरी 102 नंबर को भेजा जा सकता था। मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी। -डॉ. रमाशंकर यादव, सीएचसी अधीक्षक खैराबाद