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सरकारी विद्यालय के पांच के बच्चे नहीं पढ़ पाते किताब

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बीएसए ने प्रधानाध्यापक को किया निलंबित, अन्य शिक्षकों से स्पष्टीकरण
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सीतापुर। कक्षा पांच के बच्चे किताब नहीं पढ़ पाते है। कक्षा दो के बच्चों को एबीसीडी नहीं आती है। न ही वह ब्लैकबोर्ड पर क ख ग घ लिख पाते हैं। कक्षा एक के बच्चे पांच तक की गिनती नहीं गिन पाते है। यह सब किसी किताब की कहानी नहीं है बल्कि सिधौली विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय सरायं के नौनिहाल की हकीकत है। यह पोल खुद विभाग के मुखिया बीएसए के मुआयने में खुल गई।

इससे बड़ी प्राथमिक शिक्षा की और क्या दुर्दशा हो सकती है जबकि विद्यालय में एक नहीं बल्कि पांच अध्यापक है। लेकिन यह सब केवल वेतन उठाने तक ही सीमित रह गए हैं। इन शिक्षकों को न तो किसी की पढ़ाई से लेना देना है न ही बच्चों के भविष्य से। इस पर बीएसए ने प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है। अन्य शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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बीएसए अजय कुमार ने सिधौली विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय सरायं का निरीक्षण किया। यहां पर शिक्षामित्र सुनीता सिंह उपस्थित रजिस्टर पर हस्ताक्षर करके निकल गई। जांच में पता चला कि यह अक्सर देर से आती व जल्द चली जाती है। स्कूल की शिक्षा व्यवस्था एकदम चौपट दिखी।

नौनिहालों को न तो दूध व फल दिया जा रहा है न ही उनको अभी तक पाठ्य पुस्तकें मिल सकी है। कक्षा पांच की अध्यापिका वंदना श्रीवास्तव के पढ़ाए हुए बच्चे किताब नहीं पढ़ पाए। कक्षा चार में शैफाली सिंह व कक्षा तीन में स्मिता त्यागी के बच्चे किताब के अक्षर नहीं जानते है। कक्षा दो की शिक्षिका प्रीती सिंह के बच्चे क, ख, ग नहीं सुना पाए।

कक्षा एक के अध्यापक अरुण कुमार सिंह खुद प्रधानाध्यापक हैं। इनके पढ़ाए हुए बच्चे गिनती नहीं जानते है। विद्यालय में मेन्यू से विपरीत भोजन बनाया गया था। इस पर बीएसए ने प्रधानाध्यापक को निलंबित व अन्य शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्राथमिक विद्यालय देबीपुर प्रथम में बच्चों को फल नहीं दिए गए थे।
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एमडीएम का सैम्पल नहीं रखा था। प्रधानाध्यापक को गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए गए। प्राथमिक विद्यालय धरावां में विद्यालय में बहुत कम बच्चे मिले। उच्च प्राथमिक विद्यालय धरावां में सहायक अध्यापिका शशिबाला दो माह में बच्चों को केवल एक ही पाठ पढ़ा पाई। दूसरा पाठ आज से शुरु किया। इस पर शशिबाला से स्पष्टीकरण तलब किया है।
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