बारिश के बीच डीएम आफिस का घेराव
ढाई घंटे चला प्रदर्शन, युवक को तलाशने की मांग
प्रदर्शनकारियों से पुलिस को हुई नोकझोंक
सीतापुर। हरगांव क्षेत्र के शेखापुर निवासी अजय की जिंदा या मुर्दा तलाशने की मांग को लेकर धरना दे रहे, संगठनों व ग्रामीणों ने गुरुवार को जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया। लाठी व हंसिया से लैस प्रदर्शनकारियों ने भरी बरसात में करीब ढाई घंटे तक डीएम कार्यालय के सामने नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। बाद में डीएम व एसपी ने एक सप्ताह का समय मांग कर प्रदर्शनकारियों को शांत किया। हरगांव क्षेत्र के शेखापुर मूसेपुर निवासी रामदेवी के पुत्र अजय की तलाश को लेकर अजय का परिवार, कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी, महाराजा छीतापासी संगठन के कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट कचहरी में धरना दे रहे हैं। आरोप है कि रामदेवी के पुत्र अजय कुमार को 6 जून को निकट गांव सेमरीभान निवासी अमजद अली घर से बुलाकर कहीं ले गया था। उसके बाद से वह लापता है। परिवार अपहरण व हत्या का आरोप लगा रहा है। वहीं पुलिस पर आरोपियों को बचाने का भी आरोप लगा रहा है। इसी मामले को लेकर गुरुवार को प्रदर्शनकारी भड़क गए। जिसके बाद साढ़े बारह बजे सारे प्रदर्शनकारी लाठी डंडे व हंसिये के साथ डीएम कार्यालय पहुंचे। यहां पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन के दौरान ही तेज बारिश होने लगी, बावजूद इसके प्रदर्शनकारी मांग न माने जाने तक प्रदर्शन करने की बात कहते रहे। इसी बीच सीओ राज कुमार शुक्ला पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को नारेबाजी न करने व शांत रहने की बात कहने लगे। इसे लेकर सीओ व प्रदर्शनकारियों के बीच तकरार होने लगी। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप था कि सीओ अभद्र भाषा का प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को दबाने का प्रयास कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान ही सीओ ने मीडिया को कवरेज न करने की सलाह तक दे डाली। इसको लेकर मीडिया कर्मियों व सीओ के बीच नोकझोंक भी हुई। इसी बीच अन्य अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर विवाद शांत कराया। वहीं अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को बताया गया कि डीएम डॉ. सारिका मोहन, एसपी मृगेंद्र सिंह मुख्यमंत्री के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में हैं। इसलिए दोनों अधिकारी मुलाकात नहीं कर सकते। इस पर प्रदर्शनकारियों ने डीएम व एसपी से ही मिलने की जिद पकड़े रखी। करीब ढाई घंटे तक बारिश के बीच डीएम कार्यालय के सामने हो हल्ला होता रहा। 3 बजे के करीब प्रदर्शनकारियों का प्रतिनिधिमंडल डीएम व एसपी से मिल सका। यहां पर डीएम व एसपी ने प्रतिनिधिमंडल से एक सप्ताह का समय मांगा। दोनों अधिकारियों ने कहा कि वे एक सप्ताह में ठोस नतीजे पर पहुंच जाएंगे। इस पर प्रतिनिधिमंडल सहमत हुआ। इस दौरान परिवार ने कहा कि यदि एक सप्ताह में पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, अजय जिंदा या मुर्दा नहीं मिलता तो परिवार एक बार फिर से धरना प्रदर्शन को बाध्य होगा। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनीत दीक्षित, राजेश सिंह तोमर, महेश प्रसाद राजवंशी, संतोष भार्गव, विकास सोनकर, उमाशंकर मिश्रा, सुशील मिश्रा, सुनील बाल्मीकि, अमित राजवंशी, श्याम व चंद्रकली आदि मौजूद थे।
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मीडिया से नोकझोंक
लापता युवक की बरामदगी के लिए हरगांव के शेखापुर निवासी परिवार व कई संगठन डीएम कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी बीच सीओ राजकुमार शुक्ला प्रदर्शनकारियों से भीड़ गए। वहां पर पर्याप्त पुलिस अमला भी मौजूद था, इसी बीच सीओ प्रदर्शनकारियों के बीच धक्कामुक्क ी होने लगी। कवरेज में लगी मीडिया ने जब फोटो खींचना शुरू किया, तो सीओ के तेवर सातवें आसमान पर पहुंच गए। हालत ये रही कि सीओ ने मीडिया को फोटो न खींचने की नसीहत तक दे डाली। सीओ द्वारा ऐसा करने पर वहां मौजूद मीडियाकर्मी भड़क गए, जिन्होंने सीओ को उनका काम याद दिलाया और मीडिया की कवरेज में हस्तक्षेप न करने को कहा। विवाद बढ़ता, इसी बीच प्रशासन के कई अधिकारी बीच में आए, जिन्होंने समझा बुझाकर विवाद शांत कराया।