सीतापुर। शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इससे उठने वाली बदबू से राहगीर परेशान हैं। ऐसा नहीं कि इनको साफ करने वालों की कमी है। शहर में 450 से अधिक सफाई कर्मचारी तैनात है लेकिन यह फौज भी शहर को स्वच्छ नहीं रख पा रही है। गंदगी से संक्रामक बीमारियों के फैलने का भी खतरा बना रहता है।
शहर की आबादी करीब दो लाख है। यह 30 वार्डों में बसती है। पूरा शहर साफ सुथरा बना रहे, इसके लिए नगर पालिका में 450 सफाई कर्मचारियों की तैनाती है। लेकिन यह फौज भी शहर को साफ नहीं रख पा रही है। यह सब सफाई कर्मचारियों की लापरवाही व नगर पालिका के ढुलमुल रवैये के कारण हो रहा है।
बाशिंदों का कहना है कि सफाई कर्मचारी मोहल्ले में सप्ताह में एक बार ही आते हैं। वह भी कुछ प्रमुख स्थानों पर सफाई करके निकल जाते हैं। इससे मोहल्लों में गंदगी के जगह-जगह पर ढेर लगे हुए है।
हरदोई रोड
शहर के हरदोई रोड पर ओपीजी फाउंडेशन के निकट कूड़े का ढेर लगा है। यहां रोजाना कूड़ा डाला जा रहा है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि सफाईकर्मी रोजाना नहीं आते है। कूड़ादान भी नहीं है। मजबूरी में यहां पर कूड़ा डाल रहे हैं। इस वजह से राहगीरों को बदबू के बीच से होकर निकलना पड़ रहा है।
चुंगी चौकी
चुंगी चौकी के निकट शालू कपूर क्लीनिक के सामने कूड़े का ढेर है। यहां पर हर समय टहलते रहते है। मोहल्लेवासियों का कहना है मोहल्ले में कूड़ा फेंकने के लिए एक भी डस्टबिन नहीं है तो कूड़ा कहां फेंके। मजबूरी में सड़क पर कूड़ज्ञ डालते है। सफाईकर्मी हफ्ते में एक बार ही आता है। वह भी कुछ प्रमुख स्थानों पर सफाई कर चला जाता है।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
शहर को स्वच्छ बनाया जाएगा। जिन स्थानों पर गंदगी है, वहां पर सफाई कर्मचारी भेजकर इस समस्या को दूर कराया जाएगा। लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी।
- गुरुप्रसाद पांडेय, ईओ