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सीएम का आदेश बेअसर, समय से नहीं आ रहे अफसर

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सीतापुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को सुबह 9 से 11 बजे तक दफ्तरों में फरियादियों की समस्याओं को सुनने का निर्देश दिया है। पर अफसर सीएम के आदेश को लेकर गंभीर नहीं हैं। सोमवार को अधिकतर अफसर व कर्मचारी तय समय तक दफ्तर नहीं पहुंच सके। डीएम अखिलेश तिवारी का दफ्तर ही 9:15 तक सूना पड़ा था।
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इन हालातों में दूसरे अफसरों तथा कर्मचारियों की बात करना ही बेमानी है। सोमवार को अमर उजाला टीम के रियलिटी चेक में नौकरशाही का बेपरवाह रवैया सामने आया। कुछ दफ्तरों में तो फरियादी पहुंचकर साहब का इंतजार कर रहे थे। कलेक्ट्रेट से लेकर विकास भवन तक के दफ्तरों में कुछ इसी तरह का नजारा देखने को मिला।

डीएम चैंबर : 9:23 पर पहुंचे अतिरिक्त मजिस्ट्रेट
सोमवार सुबह 9:05 बजे कलेक्ट्रेट स्थित डीएम अखिलेश तिवारी का चैंबर खाली पड़ा था। करीब 9:23 बजे अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शिशिर कुमार यहां पहुंचते हैं। इसके बाद जनमिलन में शिकायतें सुनने के लिए फरियादियों का इंतजार करने लगते हैं।
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एडीएम व सिटी मजिस्ट्रेट की कुर्सी खाली
अपर जिलाधिकारी विनय पाठक और सिटी मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश उपाध्याय भी सुबह 9:05 बजे तक दफ्तर नही पहुंचे थे। इन अफसरों के दफ्तर खाली पड़े थे। कर्मचारी भी नदारद थे। लिहाजा, कोई बताने वाला नहीं मिला कि साहब कब तक आएंगे।

एसडीएम सदर के दफ्तर में लगा मिला ताला
सदर तहसील में सुबह 9:15 बजे तक एसडीएम पूर्णिमा सिंह के दफ्तर में ताला लटकता मिला। एक सफाई कर्मचारी बाहर झाडू लगा रहा था। इस समय तक कोई कर्मचारी भी नहीं पहुंचा था। कुछ देर इंतजार करने के बाद भी हालात जस के तस ही नजर आए।

साढ़े नौ के बाद पहुंचे सीडीओ
विकास भवन स्थित सीडीओ का दफ्तर सुबह 9:06 बजे तक बंद था। विकास भवन में सन्नाटा पसरा हुआ था। करीब आधे घंटे बाद कुछ अफसर व कर्मचारियों का आगमन हुआ। सुबह 9:50 बजे दोबारा पहुंचने पर सीडीओ अपने दफ्तर में पीडी, डीडीओ के साथ मीटिंग कर रहे थे।

डीसी मनरेगा व डीपीओ रहे नदारद
विकास भवन स्थित डीसी मनरेगा सुशील कुमार सिंह का दफ्तर सुबह 10:01 बजे तक खाली पड़ा था। जिला कार्यक्रम अधिकारी राज कपूर भी सुबह 10:03 बजे तक दफ्तर नहीं पहुंचे थे। यहां कोई कर्मचारी भी इस समय तक नहीं आया था।

जिला कृषि अधिकारी का होता रहा इंतजार
जिला कृषि अधिकारी अखिलानंद पांडेय सुबह 10:08 बजे तक दफ्तर नही पहुंचे थे। इनके ऑफिस में कर्मचारी भी नदारद थे। लिहाजा, कोई बताने वाला नही था कि साहब कब तक आएंगे। पिसावां क्षेत्र के शमशेरबाग से किसान विश्वनाथ अपनी समस्या लेकर आए थे। विश्वनाथ ने बताया साहब नही हैं। इंतजार कर रहा हूं।

फरियादी चुस्त, पीओ डूडा सुस्त
विकास भवन स्थित अपने दफ्तर में पीओ डूडा सुधीर गिरी सुबह 10:24 बजे तक नही पहुंचे थे। जेई मनीष मिश्रा भी नदारद थे। खैराबाद से आवास की किस्त न मिलने की समस्या लेकर आई शमीम बानो पीओ डूडा का इंतजार कर रही थीं। अर्पित शुक्ल, प्रदीप कुमार व सतपती भी साहब के इंतजार में बैठे थे।

डीपीआरओ कब आएंगे, पता नहीं
जिला पंचायत राज अधिकारी इन्द्र नरायण सिंह सुबह 10:04 बजे तक दफ्तर नही पहुंचे थे। इनकी कुर्सी खाली थी। कर्मचारी हरेश व अजयपाल अपनी-अपनी सीट पर बैठे थे। डीपीआरओ कब आएंगे, इसका जवाब किसी के पास नहीं था।
साहब नदारद, एसी में कर्मचारी
विकास भवन स्थित आरईएस के अधिशासी अभियंता इसम सिंह सुबह 10:21 बजे तक अपने दफ्तर नहीं थे। इनके चैंबर में दो कर्मचारी एसी का लुत्फ ले रहे थे। फोटो खिंचती देख हड़बड़ाकर बाहर निकल गए। साहब के बारे में पूछने पर भी कोई जवाब नहीं दिया।
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