सीतापुर। एक सरकारी महकमा निर्माण कराता तो दूसरा उसे ढहाने पर आमादा है। कुछ ऐसा ही हाल शहर के सरोजनी वाटिका पार्क का है। जल निगम ने यहां पर ट्यूबवेेल की बोरिंग कराई है।
इस बोरिंग का जल बाउंड्रीवाल के किनारे बहा दिया गया है। लगातार बहाव होने से एक ही जगह पर पानी जमा हो रहा है। इस वजह से बाउंड्रीवाल के नींव की गिट्टी दिखाई देने लगी है।
दीवार किसी भी समय ढह सकती है। इससे दुर्घटना होने का डर बना हुआ है। अमृत योजना के तहत जल निगम द्वारा सरोजनी वाटिका पार्क में ट्यूबवेल के लिए बोरिंग कराई गई है।
इस बोरिंग का जल निकासी के लिए कोई नाली नहीं बनाई गई है। बल्कि इसे खुले में ही बहाया जा रहा है। पार्क की बाउंड्रीवाल के किनारे तेज बहाव से पानी जमा हो रहा है।
कई दिनों से पानी जमा होने से अब इसकी गिट्टी दिखाई देने लगी है। इससे बाउंड्रीवाल की नींव कमजोर हो गई है। जब नींव कमजोर है तो यह बाउंड्री किसी भी समय ढह सकती है।
जबकि इस पार्क में हर समय कोई न कोई मौजूद रहता है। वही जिस मार्ग पर बाउंड्रीवाल बनी हुई है। इसी मार्ग पर केंद्रीय स्कूल व मोहल्ले के लोगों के लिए आवागमन का केवल एक ही रास्ता है।
इसकी वजह से व्यस्ततम सडक में शुमार यह बाउंड्रीवाल राहगीरों के लिए खतरा बन चुकी है। नगर पालिका का कहना है जल निगम द्वारा लगातार सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
इससे पहले लोहारबाग पार्क में भी ट्यूबवेल लगवाया गया था। वहां पर पार्क की बाउंड्रीवाल तोड़ दी गई थी। इससे आवारा जानवर अब पार्क के अंदर हर समय टहलते रहते है।
जलनिगम द्वारा नुकसान पहुंचाया जा रहा है। लोहारबाग पार्क में भी बाउंड्रीवाल तोड़ दी है। सरोजनी वाटिका पार्क को दिखवाकर पत्र लिखा जाएगा।
- गुरुप्रसाद पांडेय, ईओ