सीतापुर। जिले के 206 नौनिहालों को निशुल्क बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत दाखिला मिलेगा। ये नौनिहाल शहरी व ग्रामीण इलाके के हैं।
पहले तीन विकल्पों के आधार पर इनको लॉटरी सिस्टम के जरिए स्कूलों में एडमीशन दिलाया जाएगा। एडमीशन की पूरी कवायद करके जिलाधिकारी को अनुमोदन के लिए फाइल भेजी गई है।
निशुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत प्राइवेट स्कूलों को अपने यहां 25 फीसदी सीटों पर गरीब बच्चों को दाखिला देने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए शासन की तरफ से अप्रैल माह में आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई थी।
शहरी इलाके के नौनिहाल ऑनलाइन आवेदन करेंगे। वहीं ग्रामीण इलाके के नौनिहाल ऑफलाइन आवेदन करेंगे। एक माह तक चली आवेदन प्रक्रिया में 229 फॉर्म आए थे।
जिसमें शहरी इलाके से 185 व ग्रामीण इलाके से 44 बच्चों ने आवेदन किया था। फिर इन आवेदनों को जांच के लिए संबंधित ब्लॉक के बीईओ को भेजा गया था।
बीईओ ने जांच करके अपनी आख्या बेसिक शिक्षा विभाग में जमा कर दी है। शहरी इलाके से 14 आवेदन रिजेक्ट किए गए हैं। इन नौनिहालों ने सही जानकारी फॉर्म पर नहीं भरी थी।
इसी प्रकार ग्रामीण इलाके से नौ आवेदन निरस्त कर दिए गए। अब जिन बच्चों को दाखिला मिलना है उनमें शहरी इलाके से 171 व ग्रामीण इलाके के 35 पात्र पाए गए हैं।
इन सभी की लिस्ट बनाकर बीएसए ने जिलाधिकारी के पास अनुमोदन के लिए भेजी है। जिलाधिकारी से सहमति मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
प्रत्येक नौनिहाल ने अपने फॉर्म पर तीन विद्यालयों का विकल्प दिया है। अमूमन पहले दो विद्यालयों में से एक विद्यालय का विकल्प दे दिया जाएगा।
बीएसए अजय कुमार ने बताया कि एडमीशन प्रक्रिया अपना ली गई है। जिलाधिकारी के पास अनुमोदन के लिए फाइल भेजी गई है। वहां से अनुमति मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
इस साल बढ़े हैं दाखिले
निशुल्क बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत हर वर्ष एडमीशन प्रक्रिया अपनाई जाती है। शैक्षिक सत्र 2017-18 में जिले में इस कानून के तहत 31 एडमीशन कराए गए थे। इसी प्रकार पिछले सत्र में 2018-19 में 85 बच्चों को दाखिला मिला था। इस साल ये संख्या बढ़कर 206 हो गई है। इससे पिछले साल की तुलना में 121 बच्चों की संख्या बढ़ी है।