ब्रॉडगेज ट्रैक पर स्पेशल ट्रेन से स्पीड ट्रायल आज
सीतापुर। पूर्वोत्तर रेलवे के ऐशबाग-सीतापुर रूट के बाद अब दूसरे चरण में सीतापुर-लखीमपुर ब्रॉडगेज ट्रैक पर जल्द ही ट्रेनें फर्राटा भरेंगी। आमान परिवर्तन के बाद ये ट्रैक भी तैयार हो चुका है। सोमवार को केंद्रीय रेल संरक्षा आयुक्त पूरे ट्रैक का निरीक्षण कर इसकी गुणवत्ता परखेंगे।
पहले वो मोटर ट्रॉली से सीतापुर-लखीमपुर का पूरा ट्रैक जांचेंगे। फिर लखीमपुर-सीतापुर तक स्पेशल ट्रेन से स्पीड ट्रॉयल होगा। रिपोर्ट मिलने के बाद इस रूट पर रेलगाड़ियों के संचालन का शेडयूल तय होगा।
बता दें कि सीतापुर में पूर्वोत्तर और उत्तर रेलवे के दो ट्रैक हैं। पूर्वोत्तर रेलवे का बुढ़वल वाया सीतापुर जंक्शन और ऐशबाग वाया सीतापुर-लखीमपुर मैलानी ट्रैक है। जबकि उत्तर रेलवे का सीतापुर सिटी वाया महोली-रोजा तथा सीतापुर सिटी वाया नैमिषारण्य-बालामऊ हैं।
पहले चरण में पूर्वोत्तर रेलवे के ऐशबाग-सीतापुर ट्रैक को मीटर गेज से ब्रॉडगेज में तब्दील किया गया। ये कार्य पूरा होने के बाद अब इस ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है।
अब दूसरे चरण का सीतापुर-लखीमपुर खीरी तक आमान परिवर्तन का काम भी पूरा हो गया है, हालांकि इस काम को पूरा करने में कुछ ज्यादा वक्त लग गया। सीतापुर-लखीमपुर तक नए ट्रैक पर ट्रेनों के संचालन से पहले ट्रैक का सीआरएस मुआयना होगा।
केंद्रीय रेल संरक्षा आयुक्त अरविंद कुमार जैन सोमवार को पूरे ट्रैक का निरीक्षण कर इसकी गुणवत्ता जांचेंगे। विभागीय जानकारों की मानें तो आयुक्त सोमवार सुबह स्पेशल ट्रेन से सीतापुर जंक्शन पहुंचेंगे।
इसके बाद वह यहां के 75 नंबर गेट से मोटर ट्रॉली पर सवार होकर हरगांव होते हुए लखीमपुर खीरी तक पूरे ट्रैक का मुआयना करेंगे। निरीक्षण के दौरान वह क्रॉसिंग, गेट, सिग्नल, लाइनें आदि का जायजा लेंगे। इसके बाद वह लखीमपुर से सीतापुर तक स्पेशल ट्रेन दौड़ाकर स्पीड ट्रायल भी करेंगे।
पूर्वोत्तर रेलवे सीतापुर वाया लखीमपुर-मैलानी पीलीभीत मीटर गेज ट्रैक पर 15 अप्रैल 1887 से ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ था। इस ट्रैक पर 129 साल तक रेल सेवाएं दी गईं। 14 अक्तूबर 2016 को इस ट्रैक पर आखिरी बार ट्रेन दौड़ाकर आमान परिवर्तन के चलते ट्रैक बंद कर दिया गया था।
सीतापुर जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक एके शुक्ल ने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे के सीतापुर-लखीमपुर खीरी मीटरगेज ट्रैक को ब्रॉडगेज में तब्दील कर लिया गया है। सोमवार को केंद्रीय रेल संरक्षा आयुक्त इस ट्रैक का निरीक्षण कर रेलवे बोर्ड को रिपोर्ट देंगे। इसके बाद इस ट्रैक पर ट्रेनों के संचालन को मंजूरी मिलेगी।