हड़ताल में शामिल रहीं जिले की 28 बैंकें, दोपहर तक खाली हो गए थे एटीएम
सीतापुर। जिले भर में राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मी बुधवार से दो दिनी हड़ताल पर चल गए। इनकी हड़ताल से यहां की 280 बैंक शाखाओं पर ताले लटके रहे। ऐसे में कामकाज ठप रहने से बैंकिंग कारोबार प्रभावित रहा। बैंकों में तालाबंदी का असर यहां के कारोबार पर भी पड़ा।
ऐसे में बैंक उपभोक्ताओं को दिक्कतें उठानी पड़ीं। इनकी हड़ताल से समूचे जिले में करीब डेढ़ अरब रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। बता दें कि सीतापुर जिले में 28 राष्ट्रीयकृत बैंकें हैं। विभिन्न बैंकों की करीब 280 शाखाएं यहां की शहरी और ग्रामीण इलाकों में संचालित हैं।
इन बैँकों के कर्मचारी काफी समय से सम्मानित वेतन वृद्धि की मांग कर रहे हैं। बावजूद इसके प्रबंधन उनकी मांगें पूरी करने को तैयार नहीं है। जबकि नवंबर 2017 से बैंक कर्मचारियों की वेतन वृद्धि लंबित हैं। लंबित वेतन वृद्धि लागू किए जाने की मांग को लेकर बैंक कर्मचारी यूनियनें लगातार अपनी आवाज बुलंद कर रही हैं।
पर इसे जिम्मेदारों ने गंभीरता से नहीं लिया। वेतन वृद्धि लागू न होने से खफा यूूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 30 व 31 मई को देश व्यापी हड़ताल का ऐलान किया था। संगठन के आह्वान पर जिले भर के राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी रोजाना तरह से बुधवार को बैंक कार्यालयों को गए, लेकिन किसी भी बैंकों के ताले नहीं खुले।
दिन भर सभी बैंकों की शाखाओं में ताले लटकते रहे। इस हड़ताल में एसबीआई, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक समेत 28 बैंक शामिल रहीं। दो दिनी हड़ताल से उपभोक्ताओं समेत व्यापारियों को दिक्कतें उठानी पड़ीं।
दोपहर होते-होते बैंकों के एटीएम भी खाली हो गए थे। ऐसे में जरूरतमंद ग्राहक इधर-उधर भटकते दिखे। विभागीय जानकारों की मानें तो राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल से समूचे जिले में करीब डेढ़ अरब रुपये का बैंकिंग कारोबार प्रभावित रहा, इनमें एक करोड़ क्लीयरिंग प्रभावित रही। जबकि बैंकों में करीब 50 करोड़ रुपये का काउंटरों का लेनदेन ठप रहा।
हड़ताली बैंक कर्मियों ने किया प्रदर्शन
सीतापुर। यूूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले बुधवार को जिले की विभिन्न बैंकों के हड़ताली कर्मचारियों ने एकत्रित होकर प्रदर्शन किया और सरकार विरोधी जमकर नारेबाजी की। बाद में सभा में संगठन नेताओं ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए उसे जमकर कोसा भी।
यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बुधवार को जिले की विभिन्न बैंकों के हड़ताली कर्मचारी शहर के इलाहाबाद बैंक मुख्य शाखा के गेट पर एकत्र हुए। बाद में एकत्रित बैंक कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बैंक कर्मियों की वेतन वृद्धि नवंबर 2017 से लंबित हैं।
इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वेतन वृद्धि मसले पर समझौता हुए एक साल से ज्यादा समय बीत चुका है। पर भारतीय बैंक संघ और केंद्र सरकार की हठधर्मिता कारण अभी तक लागू नहीं हो पाया है। इससे कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। प्रदर्शन में राजीव शर्मा, केके गुप्ता, कमलेश कुमार पांडेय, प्रशांत शुक्ल, रंजीत कुमार दास आदि उपस्थित रहे।