बालक की मां समेत दो अन्य झुलसे, छत्तीसगढ़ निवासी है परिवार
लहरपुर (सीतापुर)। थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह बिजली गिरने से एक बालक समेत दो लोगों की मौत हो गई। जबकि बालक की मां समेत दो लोग बुरी तरह से झुलस गए हैं। घटना में झुलसी एक बालिका के बारे में यह पता नहीं चल सका है कि वह कहां की रहने वाली है।
बज्रपात का शिकार होने वाले तीन लोग छत्तीसगढ़ जिले के निवासी हैं, जो मजदूरी करने के लिए लहरपुर क्षेत्र में एक ईंट-भट्ठे पर आए थे। हादसे की जानकारी पाकर पहुंची एसडीएम पूर्णिमा सिंह ने जांच की। बताया कि मृतकों के परिवारीजनों के खाते में 4-4 लाख रुपये की आर्थिक मदद भेज दी गई है। घायलों की डॉक्टरी रिपोर्ट का का इंतजार किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मुस्तरी तहसील क्षेत्र के ग्राम हल्दी आमागांव निवासी टीकाराम व श्याम सागर मजदूरी करने के लिए लहरपुर थाना क्षेत्र के अकबरपुर निकट बनवारी ब्रिक फील्ड पर मजदूरी करने आए थे। यहां पर टीकाराम व श्याम सागर परिवार के साथ रहते थे।
बताते हैं कि मंगलवार को ईंट-भट्ठे पर मजदूर काम कर रहे थे। इसी बीच तेज आंधी व पानी आ गया। इससे बचने के लिए टीकाराम की पत्नी गौरी (22) अपने डेढ़ वर्षीय पुत्र खीलेश कुमार केवट को लेकर एक छप्पर के नीचे बैठ गई। वहीं करीब में श्याम सागर की पत्नी अनीता देवी (22) भी बैठी थी।
इसी बीच तेज गर्जना के साथ बिजली गिर गई। इससे बिजली की चपेट में आकर छप्पर के नीचे मौजूद महिलाएं और बच्चा बुरी तरह से झुलस गया। बिजली गिरते देख, ईंट-भट्ठे पर मौजूद लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। तब तक खीलेश व अनीता की मौत हो चुकी थी। जबकि खीलेश की मां गौरी व मानसी यादव (5) बुरी तरह से झुलस चुकी थी।
घायलों को कस्बे की सीएचसी में भर्ती कराने पर डॉक्टरों ने मानसी को छुट्टी दे दी। जबकि गौरी की नाजुक हालत देख उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मानसी कहां की रहने वाली है, इस बात का पता नहीं चल सका है।
उधर, सूचना मिलते ही एसडीएम पूर्णिमा सिंह, तहसीलदार संजय यादव मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने पीड़ित परिवार से हाल पूछा और घटना के संबंध में जानकारी ली। जिसके बाद पीड़ित परिवार को दैवीय आपदा राहत कोष से मदद का भरोसा भी दिया।
एसडीएम ने बताया कि घटना में दो लोगों की मौत व दो लोगों के झुलसे होने की खबर है। इसमें मानसी नाम की बालिका कहां की रहने वाली है, इस संबंध में जानकारी नहीं मिल सकी है। क्योंकि सीएचसी से उपचार कराने के बाद उसके परिवारीजन उसे लेकर घर चले गए।