नहीं दिखाया विश्वास, आरक्षित सीट पर ही महिलाओं को मिला टिकट
सीतापुर। महिला सशक्तीकरण, समाज में आधी आबादी को बराबरी का सम्मान और महिला आरक्षण की हिमायत करने वाले सियासी दलों का नगर निकाय चुनाव में दोहरा चरित्र सामने आया है।
प्रमुख सियासी दलों ने जिले की उन्हीं सीटों पर महिलाओं को प्रत्याशी बनाया जो उनके लिए आरक्षित हैं। यानी जहां महिलाओं को प्रत्याशी बनाना उनकी मजबूरी थी।
हालांकि भाजपा ने बिसवां नगर पालिका की अनारक्षित सीट पर सीमा राजू जैन पर भरोसा जताया है। कारण वह इससे पहले चुनाव जीत चुकी हैं।
जिले में 11 निकाय क्षेत्र हैं। इनमें छह नगर पालिका और पांच नगर पंचायतें शामिल हैं। इनमें महोली, सिधौली व तंबौर सीटें महिला व मिश्रिख की सीट महिला एससी वर्ग के लिए आरक्षित है।
बिसवां, सीतापुर व हरगांव अनारक्षित जबकि लहरपुर, खैराबाद, पैंतेपुर व महमूदाबाद पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हैं। भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस ने सभी निकायों से अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं।
आधी आबादी को उनका वाजिब हक दिलाने की पुरजोर हिमायत करने का दिखावा करने वाले इन सियासी दलों ने उन्हीं सीटों पर महिला को प्रत्याशी बनाया है, जो महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
कहना गलत न होगा कि जिन सीटों पर महिलाओं को प्रत्याशी बनाना मजबूरी थी। इसके अलावा किसी भी सियासी दल ने किसी सीट से किसी महिला पर भरोसा दिखाने की हिम्मत नहीं जुटाई है।