रेउसा थाना क्षेत्र के गुड़रूवा गांव में सोमवार की दोपहर अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग इतनी भयावह थी कि आगजनी की वारदार में 15 घर जलकर राख हो गए। जबकि इस अग्रिकांड में तीन बकरियां भी जिंदा जलकर मर गईं।
दमकल और ग्रामीणों ने मिलकर आग पर काबू पाया। इस घटना में करीब चार लाख के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। उधर, घटना की सूचना पाकर तहसील का प्रशासनिक अमले ने पहुंचकर पीड़ितों को राहत सामग्री बांटने का काम शुरू किया।
रेउसा थाना क्षेत्र के ग्राम गुड़रुवा में सोमवार 11 बजे अज्ञात कारणों के चलते मनोज पुत्र रामप्रसाद के घर आग लग गई। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते तब तक आग बेकाबू हो गई। इस भीषण आगजनी घटना विकराल हो गई। देखते ही देखते ही आग की लपटों ने मनोज के पड़ोस के घरों को अपनी आगोश में ले लिया।
इसी ग्रामीणों ने दमकल विभाग को इसकी सूचना दी। साथ ही ग्रामीण निजी संसाधनों से आग पर काबू पाने में जुट गए। दमकल और ग्रामीणों के आग पर काबू पाने से पहले यहां पंद्रह घर जलकर नष्ट हो गए।
आगजनी की वारदात में मनोज के अलावा शिवनाथ पुत्र बद्दल, उमराव पुत्र मोती, पुत्तीलाल पुत्र मैकू, मालिक झलारी, पैकरमा पुत्र नोखे, सुरजाना पत्नी स्व. राधेलाल, अर्जुन पुत्र गुरु, बैजनाथ पुत्र मोती, अमीन पुत्र शिवनाथ, रंजीत पुत्र पुत्तीलाल, मनोज, पुत्तीलाल, बेचेलाल, रामगोपाल, ब्रह्मा के घर जलकर राख हो गये।
इस आगजनी में लाखों का नुकसान होना बताया जा रहा है। तीन बकरियां भी जल मरीं। बताते हैं कि घटना के समय अधिकांश अग्रिपीड़ित खेतों में काम करने गए थे।
अग्निपीड़ित केशन की लडक़ी की शादी चार मई को होना है। जिसके चलते उसने तैयारियां शुरू कर दी थी।
अग्रिकांड में उसका भी काफी नुकसान हो गया। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका। ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पाया। घटना की सूचना तहसील प्रशासन को दे दी गई है। तहसीलदार सर्वरीष मिश्र, क्षेेत्रीय लेखपाल राजेश वर्मा, कानूनगो आदि लोग पहुंचकर जली हुई संपत्ति का आकलन किया।
हसीलदार ने बताया अग्नि पीडितों को खाद्य सामाग्री बांटी जा रही है।