सीतापुर। अपर सत्र न्यायधीश सुरेंद्र सिंह ने सामूहिक दुष्कर्म के एक मामले में तीन आरोपियों को 15-15 वर्ष के सश्रम कारावास व 20-20 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जनपद के सदरपुर थाने में इस आशय की एक प्रथम सूचना रिपोर्ट इसी थानाक्षेत्र के ग्राम कैमहराकलां निवासी हरेश, सुभाष व भगीरथ के खिलाफ पीड़िता के जेठ द्वारा दर्ज कराई गई थी। वादी के मुताबिक दो मार्च 2014 को उसके छोटे भाई की पत्नी को उक्त तीनों आरोपी उस वक्त शादी का बात कहकर भगा ले गए थे।
छह दिन बाद उसे लाकर बिसवां में छोड़ दिया था। इस मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों के विरुद्ध विवाहित के अपहरण व सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। दौरान विचारण आए साक्ष्य के बाद न्यायधीश ने तीनों को घटना का दोषी पाते हुए 15-15 वर्ष के सश्रम कारावास व 30-30 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
एक ही परिवार के तीन लोगों को पांच वर्ष का कारावास
जिला एवं सत्र न्यायधीश कुलदीप कुमार ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों को प्राणघातक हमले के मामले में पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास व नौ-नौ हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। मालूम हो कि इस आशय की एक प्रथम सूचना रिपोर्ट वादी मुकदमा हरिशंकर त्रिवेदी ने 30 मार्च 2011 को रेउसा थाने में दर्ज कराई थी।
जिसमें गांव के ही रामनरेश, रामसुमिरन, रामसुमिरन के पुत्र उत्तम को नामजद किया था। पानी निकासी को लेकर हुई इस मारपीट के मामले में विवेचना करते हुए पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। जहां दौरान विचारण आए साक्ष्य के बाद जनपद न्यायधीश ने तीनों आरोपियों को पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।