सीतापुर। वर्तमान समय कलियुग अपने अंतिम चरण में चल रहा है। चारों और दुख का वातावरण नजर आता है। इसलिए कोई भी बीमारी या रोग शोक अकस्मात ही हमारे शरीर में प्रवेश कर सकता है। यह बातें ब्रम्हाकुमारी पूनम बहन ने सोमवार को अलविदा तनाव शिविर में कहीं।
शहर के लालबाग पार्क में आयोजित शिविर में उन्होंने कहा कि सतयुग में चलने लायक बनाना है, अपनी चल चलन रॉयल रखनी है। सर्व प्रथम सतयुग अपने मन में लाना है। भारत में जितने भी मंदिर हैं, उनके चेहरे हर्षित मुद्रा में दिखाए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि बीमारी आने पर शरीर के किसी अंग की शिकायत नहीं करना। शरीर हमारा बहुत अच्छा मित्र है, जो हमें इतना सहयोग देता है। कभी शरीर अगर थक जाता है या बीमारी हो जाती है तो शरीर को कोसना नहीं है, बल्कि उसको आराम दो, दवाई दो, शुभ भावना रखो। इससे जल्दी ठीक हो जाएंगे। रात को वाट्सएप आदि का प्रयोग करके न सोएं।
हमारा अंतर्मन रात को शरीर की हिलिंग करता है, इसलिए रात को वाट्सएप आदि का प्रयोग करके न सोएं। रात को सोते समय संकल्प करें, शुगर नॉर्मल है, बीपी नॉर्मल है, हार्ट नॉर्मल है। शिव बाबा की किरण मेरे ऊपर पर रही है।
इस तरह जो आप सोचोगे तो अंतर्गत कुछ ही दिनों में सब नॉर्मल कर देगा। इस तरह से सोचने पर यह विचार हमारे लिए औषधि का काम करेंगे और हम जल्दी ठीक हो जाएंगे। आयोजक वीके योगेश्वरी ने बताया कि शिविर में मंगलवार का विषय महाविजय उत्सव रखा गया है।