आबादी की तरफ तेजी से बढ़ रहा पानी, खेती बाढ़ की चपेट में, कटान भी जारी
रेउसा (सीतापुर)। जिले के गांजरी क्षेत्र में घाघरा नदी के जलस्तर में एक बार फिर से बढ़ोतरी हुई है। इससे घाघरा से जुड़े बरसाती नाले फिर से उफना गए हैं। इन नालों के रास्ते घाघरा नदी का पानी तेजी से आबादी की तरफ बढ़ रहा है।
हालत यह है कि तटीय क्षेत्र की खेती नदी के पानी में समा रही है। वहीं नदी कटान भी कर रही है। बीते चौबीस घंटे में नदी ने करीब 25 बीघा खेत को निगल लिया है। जबकि चहलारी के करीब 500 बीघा के आसपास की खेत नदी के पानी में समा गई है।
घाघरा नदी का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ने की वजह से चहलारी घाट के करीब मौजूद खेती नदी के पानी में डूब गई है। करीब 500 बीघा खेती पानी में डूबने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच आई हैं। वहीं चहलारी घाट, कोनी, कटैला पुरवा आदि गांवों के करीब से गुजरे बरसाती नालों में घाघरा नदी का पानी आबादी की तरफ बढ़ रहा है।
इससे नाले उफना चले हैं। जहां नाले उफना रहे हैं, वहीं कोनी, परमेश्वर पुरवा, जैतहिया, मरेली आदि गांवों के करीब नदी तेजी से कटान कर रही है। परमेश्वर पुरवा के कृष्णकांत, पैकरमा, केशव, संतोष, हरद्वारी, सतगुरु, रजनीश आदि के करीब 25 बीघा खेत कटकर घाघरा में समा गए हैं।
कटान को देखकर तटीय क्षेत्रों में हड़कंप की स्थिति है। उधर घाघरा व शारदा बैराजों से शनिवार को 126 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे नदी के जलस्तर में और इजाफा होने के संकेत मिल रहे हैं। उधर पहाड़ों पर हो रही झमाझम बारिश नदी के जलस्तर में और बढ़ोत्तरी होने के संकेत दे रहे हैं।
क्योंकि उत्तराखंड से शारदा नदी में और नेपाल के पहाड़ों से घाघरा नदी में पानी आता है। इस वजह से आने वाले दिनों में स्थित विकट होने का संदेह जताया जा रहा है। हालांकि प्रशासन अभी स्थिति सामान्य होने की बात कह रहा है।
बाक्स
बैराजों से छोड़ा गया पानी
घाघरा 87476क्यूसेक
शारदा 39395 क्यूसेक
बनबसा 56080 क्यूसेक
अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं
क्षेत्र में तटीय इलाके में स्थिति सामान्य है, नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं है।
-शशिभूषण राय, एसडीएम