शासन ने बीएसए से मांगी जानकारी
सीतापुर। साक्षर भारत मिशन योजना भले ही बंद हो गई हो, पर प्रेरकों का बकाया मानदेय भुगतान किया जाएगा। इसके लिए शासन ने बीएसए से बकाया मानदेय की स्थिति मांगी है। दो दिन के अंदर उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
साक्षर भारत मिशन के तहत 15 साल से ऊपर के निरक्षरों को साक्षर किया जाता है। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत पर एक लोक शिक्षा केंद्र स्थापित किए गए है। यहां पर पढ़ाने की जिम्मेदारी दो प्रेरकों की होती है। लेकिन पिछले बरस यह योजना चलती फिरती रही।
कभी बंद हो जाती तो कभी तीन माह के लिए आगे बढ़ा दी जाती है। हाल ही में 31 दिसंबर को योजना के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है। इससे प्रेरक परेशान है। उनका करीब 30 माह का अभी भी मानदेय बकाया चल रहा है। इसको लेकर वह बराबर बीएसए से मांग कर रहे है साथ ही धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस पर शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। बीएसए को पत्र लिखा है जिसके जरिए कहा है अभी तक प्रेरकों को कितना भुगतान किया गया है कितना बकाया चल रहा है। इस पर बीएसए ने सभी बीईओ को पत्र लिखा है। जिसके जरिए दो दिन के अंदर मानदेय भुगतान की स्थिति मांगी है। इसके बाद सीधे सूचना शासन को भेज दी जाएगी।
उसके बाद बजट भेजकर मानदेय दिया जाएगा। इससे करीब 2400 प्रेरक प्रभावित है। इस बाबत बीएसए अजय कुमार का कहना है कि सभी बीईओ दो दिन के अंदर मानदेय भुगतान की जानकारी विभाग को मुहैया कराना सुनिश्चित करें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।