सीतापुर। कृषि कानून को लेकर चल रहे किसान आंदोलन को नाकाम बनाने के लिए पुलिस ने तैयारियां की थीं। भोर से ही पूरे शहर की नाकेबंदी कर दी गई थी। कई नेताओं को घरों में ही नजरबंद कर दिया गया था। लेकिन पुलिस की नाकेबंदी को तोड़कर सपा एमएलसी आनंद भदौरिया समर्थकों के साथ धरना देने में सफल रहे। इस दौरान एमएलसी की एएसपी से नोकझोंक भी हुई। खींचतान में पुलिस के बिल्ले भी नुच गए। एक दरोगा घायल हो गया।
एडीएम विनय कुमार पाठक, एएसपी डॉ. राजीव दीक्षित, सिटी मजिस्ट्रेट शिशिर कुमार खुद सपा कार्यालय पर मोर्चा संभाले थे। आंख अस्पताल से लेकर सपा कार्यालय तक का इलाका पुलिस छावनी तब्दील था। एएसपी हेलमेट पहने मातहतों को दिशा-निर्देश दे रहे थे। दोपहर ठीक 11:26 बजे थे। तभी एमएलसी आनंद भदौरिया, पूर्व विधायक मनीष रावत, अफजाल कौसर, सपा युवजन सभा के राष्ट्रीय सचिव शोएब अहमद, जहीर अब्बास सहित पांच लोग गांधी पार्क तिराहे पर आ गए। इनके आने की पुलिस को भनक तक नहीं लगी। इन लोगों ने अपनी जेबों से सरकार विरोध स्लोगन लिखी पंपलेट निकाली और नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए।
जब तक पुलिस कुछ समझ पाती, तब तक इन नेताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। इतना होते ही पुलिस दौड़ पड़ी और इन लोगों को उठाने में जुट गई। काफी धक्कामुक्की भी हुई। खींचातानी में पुलिस के बिल्ले भी नुच गए। दारोगा प्रदीप दुबे जख्मी भी हुए। बड़ी मुश्किल से पुलिस इन सपाइयों को गाड़ियों में ले जा पाई। इनको हटाने के बाद भी कई बार टुकड़ों में सपाई पहुंच-पहुंच कर प्रदर्शन करते रहे।
सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल सिंह यादव, दिग्विजय सिंह देव, मनोज भारती, मसूद आलम अंसारी आदि ने भी गांधी पार्क के पास से गिरफ्तारी दी। पूर्व मंत्री रामपाल राजवंशी भी करीब 30 समर्थकों के साथ पुलिस लाइन ले जाए गए। अंकित त्रिवेदी, मीसम खान व शोभित सहित चार लोगों को शहर कोतवाली में सुबह से शाम तक बंद रखा गया।
पूर्व विधायक व पूर्व सांसद को घरों में किया नजरबंद
पूर्व विधायक अनूप गुप्ता, पूर्व विधायक महेंद्र सिंह झीन बाबू को उनके घरों में नजरबंद किया गया। एसडीएम सदर अमित भट्ट ने बताया कि सपा के 14 नेताओं को गिरफ्तार करने के बाद निजी मुचलके पर छोड़ा गया है।
सपा जिलाध्यक्ष ने बताया कि करीब चार सौ लोग अलग-अलग स्थानों पर सड़कों पर उतरे थे। 150 लोगों को पुलिस पकड़ कर पुलिस लाइन ले गई थी। जिसमें पूर्वमंत्री रामपाल राजवंशी, एमएलसी, अनिल वर्मा सहित कई पूर्व विधायक व अन्य नेता शामिल थे। इसके अलावा जिले के अन्य हिस्सों में भी सपा के अलावा कई किसान व किसान समर्थित संगठनों ने कृषि कानूनों को लेकर विरोध जताया। वहीं, लहरपुर में पूर्व सांसद कैसरजहां, उनके पति पूर्व विधायक जासमीर अंसारी समेत कई सपाई नेता नजरबंद रहे।
‘पूंजीपतियों की आय बढ़ाने का काम कर रही सरकार’
सपा एमएलसी आनंद भदौरिया ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का सब्जबाग दिखाने वाली केंद्र सरकार ने कृषि कानूनों को लाकर यह साबित कर दिया कि वह किस कदर छलावा करने में माहिर है। केंद्र सरकार पूंजीपतियों की आय बढ़ाने का काम कर रही है। समाजवादी पार्टी का पहले दिन से मानना है कि यह काले कानून किसानों के लिए डेथ वारंट हैं। केंद्र सरकार की मनमानी के चलते ही खेतों में पसीना बहाने वाला किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर हुआ है। हम इसका विरोध करते हुए किसानों की आय दोगुनी करने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग करते हैं।