जिले के आवास विहीन गरीबों के लिए यह अच्छी खबर है। अब यहां के गरीब लाभार्थियों को खुले आसमान के नीचे रातें नहीं गुजारनी पड़ेंगी। वह आसानी से पक्की छत के नीचे अपना जीवनयापन कर सकेंगे। ये सहूलियत देने को नए वित्तीय बरस में गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना में जिले में 13814 आशियाने बनाए जाएंगे। इन पीएम आवासों के निर्माण पर भारी भरकम बजट खर्च किया जाएगा।
सीतापुर जनपद का बड़ा हिस्सा गांजरी इलाके के तौर पर जाना जाता है। ऐसे में यह इलाका शैक्षिक एवं आर्थिक दृष्टि से काफी पिछड़ा है। गांजरी इलाके में रहने वाले गरीबों के पास न तो तन ढकने को पर्याप्त कपड़े हैं और न ही सिर छुपाने को आवास ही। ऐसे में अधिसंख्य लोग घासफूस की टूटी-फूटी झोपड़ियों या फिर पॉलीथीन के नीचे किसी तरह से गुजर-बसर कर रहे हैं। हालांकि हर साल शासन की विभिन्न आवास योजनाओं में गरीबों का चयन कर उन्हें आवास मुहैया कराए जाते हैं।
इस बार भी नए चालू बजट सत्र में गरीबों को प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना में सरकारी छत देने की योजना बनाई गई है। पीएम आवास योजना के तहत जिले में 13814 आशियाने बनाए जाएंगे। गरीबों को आवासीय सुविधा देने के लिए केंद्रीय सरकार 60 प्रतिशत एवं राज्य सरकार 40 प्रतिशत धन उपलब्ध कराती है।
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक आरके पांडेय ने बताया कि पीएम आवास ग्रामीण योजना में सीतापुर जिले में वित्तीय वर्ष 2019-2020 में 13814 आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इनके निर्माण के लिए 16576.80 लाख रुपये बजट रखा गया है। यह बजट जिला योजना में अनुमोदित कर इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। यदि सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्द ही यहां के गरीब लाभार्थियों को सरकारी आवास सुलभ हो जाएंगे।