चार माह पूर्व गला रेतकर हरदोई के युवक की हुई हत्या का पिसावां पुलिस ने किया खुलासा
सीतापुर। पिसावां इलाके में करीब चार माह पूर्व हत्या कर फेंके गए अज्ञात युवक के शव की पहचान करते हुए कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस कातिलों तक भी पहुंच गई। पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए तीन हत्या आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। युवक की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसी के सगे भाइयों ने साढ़ू के साथ मिलकर जमीन के लालच में की थी।
हत्या आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल आलाकत्ल और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं। एएसपी साउथ महेन्द्र प्रताप चौहान ने बताया कि 15 अक्तूबर को पिसावां इलाके के हरैया जंगल में गला रेती युवक की मिली लाश के मामले में अज्ञात हत्यारों के खिलाफ पर केस दर्जकर पुलिस शव की शिनाख्त में जुटी थी।
बताया कि, 9 मार्च को सटीक सूचना मिलने के बाद पिसावां एसओ दिनेश सिंह हरदोई जिले के पिहानी इलाके के गांव जटपुरा पहुंच गए, जहां पर मृतक की फोटो दिखाकर उसकी पहचान इच्छाराम पुत्र झिगुरी के रूप में की। शव की शिनाख्त के बाद पुलिस कड़ियों को जोड़ते हुए आगे बढ़ रही थी।
इस बीच 10 मार्च को मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने मृतक के सगे भाई महेंद्र, वीरपाल और वीरपाल के सगे पिसावां इलाके के जिगनियां निवासी वेदराम को गांव से गिरफ्तार कर लिया। एएसपी ने बताया कि, पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। बताया कि मृतक तीन भाई थे। इच्छाराम का विवाह नहीं हुआ था।
वह अपने हिस्से की जमीन को बेच रहा था। इसको लेकर इन दोनों भाइयों ने मना किया। इसको लेकर भाइयों में विवाद भी हुआ। आरोपियों ने स्वीकारा कि इच्छाराम के खात्मे के लिए प्लानिंग बनाई गई, जिसमें दोनों भाइयों ने साढ़ू को शामिल कर 50 हजार रुपये भी देने को कहा।
हत्या की खौफनाक साजिश रचने के बाद साढ़ू युवक को लेकर अपने घर चला आया। जहां पर चार दिनों तक उसके घर पर रहा। इसके बाद दोनों भाई आ गए और रात में शराब पिलाने के बहाने तीनों लोग बाइक पर बैठाकर उसे ले गए।
इसके बाद हरैया जंगल में ले जाकर शराब पिलाने के बाद गला काटकर हत्या कर दी थी। कत्ल के बाद भाइयों ने साढ़ू को 35 हजार रुपये भी दिए थे। पुलिस ने तीनों के खिलाफ केस दर्जकर जेल भेज दिया है। ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करने में एसओ पिसावां दिनेश सिंह, हेड कांस्टेबल मनोज सिंह, सिपाही राहुल कुमार, अरविंद सिंह, संजय कुमार शामिल रहे।