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13 गांवों के करीब पहुंची घाघरा, गांजरी इलाके में दहशत

Thu, 14 Jul 2016 11:32 PM IST
सीतापुर
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सीतापुर के रेउसा क्षेत्र के निर्मलपुरवा में कटान करती घाघरा। - फोटो : अमर उजाला
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जिले के गांजरी क्षेत्र में घाघरा का कहर बढ़ता ही जा रहा है। बुधवार की रात से बाढ़ के पानी में तेजी आई है। रेउसा क्षेत्र के आठ व रामपुर मथुरा क्षेत्र के चार गांव बाढ़ से घिरते जा रहे हैं। खेतिहर भूमि व रास्ते जलमग्न हो गए हैं, जबकि आबादी बाढ़ के पानी से घिरती जा रही है। बाढ़ की मुसीबत को देखते हुए तटीय क्षेत्र के गांवों में बसने वाले ग्रामीणों ने सुरक्षित ठिकानों की तरफ पलायन शुरू कर दिया है। 
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रेउसा क्षेत्र में घाघरा का दायरा करीब दस किलोमीटर दूर तक नजर आ रहा है। सीतापुर से बहराइच बॉर्डर तक दस किलोमीटर चौड़ाई में नदी का अथाह पानी हिलोरे मार रहा है। मदद की अगर बात करें तो प्रशासन अभी निरीक्षण तक ही सीमित है। जबकि बाढ़ के दायरे में आ रहे लोग मदद की बाट जोह रहे हैं।

बुधवार की सुबह से ही घाघरा नदी में बाढ़ आ गई थी। नदी में बह रहा पानी तटीय क्षेत्र की आबादी की तरफ बढने लगा था। दोपहर तक नदी ने कोनी गांव को चारों तरफ से घेर लिया था। इधर रात होने पर पानी में कोई कमी नजर नही आई। पानी लगातार बढ़ते रहने से तटीय इलाके में बाढ़ की नौबत आ गई है।
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कोनी, निर्मलपुरवा, गोडिय़न पुरवा, चंद्रभाल पुरवा, दुर्गा पुरवा, सिसैया बाजार आदि गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। वहीं इन गांवों की तरफ जाने वाले संपर्क मार्ग भी बाढ़ के पानी की चपेट में आ गए हैं। आबादी के करीब के खेत जलमग्न हो गए हैं।

कोनी, निर्मल पुरवा, गोड़ियन पुरवा आदि गांवों के लोगों का कहना है कि अभी तक प्रशासन का कोई अधिकारी व कर्मचारी हाल जानने के लिए वहां नहीं पहुंचा है। ठीक ऐसा ही हाल पचीसा गांव का है। गांव टापू पर बसा है, वहीं करीब के खेत बाढ़ में समाते जा रहे हैं। घाघरा का कहर बस रेउसा तक ही सीमित नहीं है। बल्कि रामपुर मथुरा क्षेत्र में भी विकराल रूप धारण किए है। 
 
इस क्षेत्र के पंडित पुरवा, शुक्लन पुरवा, नया गांव, कनरखी, अंगरौरा गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इस क्षेत्र के संपर्क मार्गों पर भी बाढ़ का पानी आ गया है। तटीय क्षेत्र के खेत बाढ़ के पानी में समा गए हैं।

गुरुवार को शारदा व घाघरा बैराज से 191572 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी इस क्षेत्र के लिए और भी मुसीबत बढ़ाएगा। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखकर लोग घरों को छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की तरफ पलायन कर रहे हैं। 
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