सीतापुर। पारिवारिक लाभ योजना का अपात्रों को फायदा पहुंचाने के मामले का खुलासा होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। योजना के करीब सवा सौ आवेदन पत्रों पर रोक लगा दी गई है। इस खुलासे के बाद आवेदन पत्रों के फर्जी होने का शक गहरा गया है। इसी आशंका के मद्देनजर सदर तहसील के सभी राजस्व निरीक्षकों को आदेश जारी कर आवेदनों के दोबारा जांच के आदेश दिए गए हैं। रविवार को लोकवाणी केंद्र के संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
सदर तहसील में स्थित लोकवाणी केंद्र के संचालक मनोज कुमार को शनिवार को पारिवारिक लाभ योजना के आवेदनों पर लेखपाल राधेश्याम के फर्जी तरीके से साइन कर फाइल आगे बढ़ाने के आरोपों में पकड़ा गया था। इसके बाद तहसील प्रशासन हरकत में आ गया। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रशासन को पूरा शक है कि अभी तक इस योजना के जो भी आवेदन आए हैं वह अपात्र या फिर फर्जी हो सकते है।
इसी को लेकर सदर तहसीलदार संजय यादव ने पारिवारिक लाभ योजना के 125 आवेदनों पर रोक लगा दी है। तहसीलदार ने इस सिलसिले में तहसील के सभी राजस्व निरीक्षक को इसका आदेश जारी कर दिया है। तहसीलदार ने बताया कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि ये आवेदन पत्र अपात्रों या फिर फर्जी हो सकते हैं। इसी वजह से आवेदनों पर रोक लगा दी गई है। राजस्व निरीक्षकों को सभी 125 आवेदनों की दोबारा जांच (सत्यापन) कराने के आदेश दिए गए हैं। अब लेखपाल दोबारा आवेदनों की जांच करेंगे।
इसके बाद ही ये आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। बताया कि ये उन आवेदनों पर रोक लगाई गई है, जो लेखपाल और राजस्व निरीक्षक के हस्ताक्षर के बाद आए थे। मामले में आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
सदर तहसील क्षेत्र के टिकवापरा क्षेत्र के लेखपाल राधेश्याम यादव ने बताया कि वह राजस्व निरीक्षक कार्यालय में गए थे। वहां उन्हें अपने क्षेत्र से संबंधित राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के जरिये सरकारी लाभ लेने के लिए दो आवेदन पत्र मिले। इनमें उनकी जांच आख्या भी थी।
यह आवेदन फार्म टिकवापारा की शांति पत्नी संतराम व आशा पत्नी रामदास के नाम के थे। इन आवेदनों में अपनी जांच आख्या देखकर चेनमैन सर्वेश से लेखपाल ने पूछताछ की। इसके बाद चेनमैन से लेखपाल को पता चला कि यह आवेदन तहसील परिसर में बने सुलभ शौचालय के करीब लोकवाणी केंद्र संचालित करने वाले मनोज कुमार ने दिए हैं। कई और आवेदन पत्र आए हैं।
लेखपाल के मुताबिक जब उन्होंने इनकी पुष्टि के लिए गांव से जानकारी ली तो पता चला कि जिनके नाम के यह आवेदन पत्र हैं, उनकी पांच से 10 साल पूर्व मौत हुई है। लेखपाल का कहना है कि जब इस बाबत उसने मनोज से पूछताछ की तो उसने माफी मांगी। इसी प्रकरण को लेकर लेखपाल ने मनोज कुमार के खिलाफ रविवार को शहर कोतवाली में तहरीर दी है।
लेखपाल की ओर से तहरीर दी गई है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में कार्रवाई की जा रही है।
- गिरीश चंद्र अग्निहोत्री, प्रभारी कोतवाल