बिना फार्मासिस्ट और प्रोपराइटर के दुकानों में रही थी दवाओं की बिक्री
सीतापुर। जिले के नौ मेडिकल स्टोर के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। यहां पर बिना फार्मासिस्ट के कारोबार किया जा रहा था। वहीं तीन मेडिकल स्टोर बिना फार्मासिस्ट व प्रोपराइटर के चल रहे थे। इस पर इनका लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। वहीं एक हास्पिटल से लिया गया दवा का नमूना प्रयोगशाला जांच में अधोमानक मिला है।
यह मानक के अनुरूप नहीं था। इस पर मेडिकल स्टोर व कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। जिले में करीब 1600 मेडिकल स्टोर चल रहे हैं। शासन ने इन मेडिकल स्टोर की सघनता से जांच करने के निर्देश दिए थे। जिला औषधि निरीक्षक नवीन कुमार ने इसकी जांच की।
जिसमें भारत मेडिकल स्टोर बिसवां, अंसार मेडिकल स्टोर सांडा, करन मेडिकल स्टोर कुतुबनगर आदि इंटरप्राइजेज रम्पा टाकीज सीतापुर, शुक्ला मेडिकल स्टोर महोली, श्याम मेडिकल स्टोर लहरपुर, अमन मेडिकल स्टोर मिश्रिख व यादव मेडिकल स्टोर मछरेहटा बिना फार्मासिस्ट के चल रहे थे। इस आधार पर इनके लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
अब यह कारोबार नहीं कर सकते हैं। अगर करते मिले तो इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं तीन मेडिकल स्टोर बिना फार्मासिस्ट व प्रोपराइटर के चल रहे थे। इनमें कृष्णा मेडिकल स्टोर बिसवां, अग्रवाल आयुर्वेदिक मेडिकल सीतापुर व शुभम मेडिकल स्टोर के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। इस कार्रवाई से मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया है।
मानक के अनुरूप नहीं है स्प्रिट
डीआई नवीन कुमार ने फरवरी 2018 में बप्पा हॉस्पिटल सिधौली से स्प्रिट का नमूना लिया था। राजकीय प्रयोगशाला लखनऊ की जांच में यह फेल हो गया है। यह मानक के अनुरूप नहीं है।
इस पर डीआई ने निर्माता कंपनी पूमा केमिस्ट इंडस्ट्री 44, मैक्सी रोड इंडस्ट्रियल एरिया उज्जैन व हॉस्पिटल को नोटिस जारी किया है। इसके जरिए इस दवा का तत्काल वितरण बंद करते हुए कहां से खरीदी व कहां-कहां बेची है इसकी जानकारी तलब की है।
गंदगी मिलने पर दो मेडिकल स्टोर को नोटिस
डीआई नवीन कुमार ने जिला अस्पताल गेट के सामने शंकर मेडिकल स्टोर व पंकज मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। इस दौरान यहां पर गंदगी मिली। फार्मासिस्ट व प्रोपराइटर दोनों नदारद रहे। दवाओं का रखरखाव बेहद खराब मिला। इस पर दोनों मेडिकल स्टोरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। एक सप्ताह के अंदर जवाब न देने पर लाइसेंस निरस्त करने की हिदायत दी गई है।
पोलियो वैक्सीन का भरा नमूना
शासन ने कुछ जिलों से एक्सपायर्ड पोलियो वैक्सीन की शिकायत मिल रही थी। इनके खिलाफ छापेमारी करने का निर्देश दिया था। इस पर डीआई ने जिला अस्पताल स्थित जिला वैक्सीन सेंटर पर छापा मारा। यहां पर एक्सपायर्ड वैक्सीन तो नहीं मिली लेकिन संदेह के आधार पर वैक्सीन का नमूना भरा।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. पीके सिंह को यह सीलबंद नमूना सौंप दिया है। अब डॉ. पीके सिंह इस नमूने को जांच के लिए हिमाचल प्रदेश के कसौली की प्रयोगशाला में भेजेंगे।
फाइलेरिया समेत सात दवाओं के भरे गए नमूने
जिला औषधि निरीक्षक ने मलेरिया एवं फाइलेरिया विभाग से पेट में कीड़े समाप्त करने वाली दवा व फाइलेरिया की एक-एक दवा का नमूना भरा। जिला औषधि भंडार से छह दवाओं के नमूने भरे। इन दवाओं में बच्चों का सीरप, एंटीबायोटिक, एंटी मलेरिया व दर्द की आदि दवाएं शामिल हैं।
साथ ही छह माह के पुराने स्टॉक को चेक किया। जिले में मलेरिया की दवा की कमी होने पर सीएमओ ने लोकल स्तर पर मलेरिया की दवा की खरीद की है। इस दवा का भी एक नमूना भरा है। इनको जांच के लिए प्रयोगशाला लखनऊ भेजा दिया है।
हो रही है कार्रवाई
मेडिकल स्टोर्स की सघनता से जांच चल रही है। कमी मिलने पर कार्रवाई हुई है। वहीं शासन के निर्देश के क्रम में पोलियो वैक्सीन व मलेरिया की दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए भेजा गया है।
-नवीन कुमार, जिला औषधि निरीक्षक