सीतापुर। देश के 76 वें गणतंत्र दिवस पर शहर में स्थित 11 वीं वाहिनी पेपरलेस सिस्टम से लैस होगी। इससे फाइलों के बढ़ते दबाव को कम कर इसे पेपरलेस बनाया जाएगा। इसका ट्रायल भी शुरू हो गया है। 26 जनवरी को कमांडेंट रवि कुमार डिजिटल फाइल भेजकर इसका औपचारिक शुभारंभ करेंगे।
11 वीं वाहिनी पीएसी की स्थापना एक अक्तूबर 1947 को हुई थी। भारतीय पुलिस के एके दास यहां के पहले कमांडेट थे। इसके बाद सात जुलाई 1949 में बतौर आईपीएस एसके दास की तैनात हुई। तब से अब तक यहां 70 आईपीएस अफसर तैनात रह चुके हैं।
2015 बैच के रवि कुमार यहां 71 वें कमांडेंट के रूप में तैनात हैं। वह लगातार इस वाहिनी को डिजिटल करने के प्रयास में जुटे हुए हैं। अब तक यहां तैनात लोगों का चरित्र प्रमाण पत्र, सर्विस बुक जैसी सेवाओं को क्रियान्वयन सिर्फ ऑफलाइन होता है। पेपरलेस सिस्टम लागू होने से अब वाहिनीं के कई काम ऑनलाइन निपटाए जा सकेंगे। इसके लिए विशेष तौर पर एक साफ्टवेयर तैयार कराया गया है। (संवाद)
ऑनलाइन होगा पत्रावलियों का निस्तारण
पीएसी में काम-काज को पूरी तरह डिजिटल युक्त बनाया जा रहा है। इस सॉफ्टवेयर पर लेटर ड्राफ्ट करने की सुविधा भी उपलब्ध है। इससे काम में तेजी आने के साथ ही कागजों की बचत भी होगी। इससे पत्रावलियों के निस्तारण में भी तेजी आएगी।
- रवि कुमार, कमांडेंट, 11 वीं वाहिनी पीएसी