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60 बीघा खेत कटकर घाघरा में समाए

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बरसाती नालों के जरिए आबादी की तरफ बढ़ रहा नदी का पानी
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रेउसा (सीतापुर)। गांजरी क्षेत्र में जहां घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। वहीं नदी तेजी से कटान भी कर रही है। तटीय क्षेत्र के खेत कटान की भेंट चढ़ रहे हैं और फसलें बाढ़ के पानी में समाती जा रही हैं। सोमवार शाम तक नदी ने करीब 60 बीघा खेत को निगल लिया था।

नदी का पानी बरसाती नालों के माध्यम से अब आबादी की तरफ बढ़ रहा है। उसका रौद्र रूप देख तटीय क्षेत्र के बाशिंदों में हड़कंप की स्थिति है। घाघरा नदी रविवार की रात से चौकीदार पुरवा, लोधपुरवा, परमेश्वर पुरवा, नगीना पुरवा, कोनी, गया प्रसाद पुरवा, घूसे पुरवा आदि गांवों के निकट तेजी से कटान कर रही है।
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रविवार से सोमवार की दोपहर तक अशफाक, मुस्ताक, फकीरा, सियाराम, महराजदीन, गोकरन, देशराज, विश्राम, पेशकार आदि किसानों के करीब 60 बीघा खेत कटकर नदी में बह गए हैं। नदी में कटान अब भी जारी है। इधर चहलारी पुल के निकट करीब 500 बीघे से अधिक की खेती, इन दिनों बाढ़ के पानी में डूबी पड़ी है।

चहलारी घाट के निकट से होकर गुजरे बरसाती नाले और कोनी, कटैला पुरवा आदि गांवों के निकट से गुजरे बरसाती नाले उफना रहे हैं। नदी का जलस्तर ज्यों-ज्यों बढ़ रहा है, त्यों-त्यों नाले के रास्ते बाढ़ का पानी आबादी की तरफ बढ़ रहा है। उधर, शारदा व घाघरा बैराजों से करीब 1,28,719 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

इससे घाघरा के जलस्तर में कोई कमी होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। माना जा रहा है कि पानी इसी रफ्तार से बढ़ता रहेगा। जिसकी वजह से तटीय इलाके में दिक्कतें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। लोधपुरवा गांव के अधिकांश बाशिंदों सड़कों पर अपने आशियाने बनाने शुरू कर दिए।
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तटीय क्षेत्र के परिवारों के मुखियाओं का कहना है कि जैसे ही नदी रौद्र रूप लेगी, परिवार सड़कों की तरफ कूच कर जाएंगे। कुल मिलाकर तटीय क्षेत्र के बाशिंदे अलर्ट नजर आ रहे हैं। उधर पहाड़ों से भी राहत की खबर नहीं आ रही है। पहाड़ों पर हो रही बारिश की वजह से बनबसा बैराज पर जलस्तर बढ़ रहा है। सोमवार को बनबसा बैराज से 82,384 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

बढ़ रहा जलस्तर
नदी का जलस्तर आहिस्ता-आहिस्ता बढ़ रहा है, जिस पर नजर रखी जा रही है। पानी अभी उस स्तर तक नहीं पहुंचा है, जिससे बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकेें।
-शशिभूषण राय, एसडीएम
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