घाघरा उफान पर, पचीसा टापू पर कटान तेज
अमर उजाला ब्यूरो
रेउसा (सीतापुर)। घाघरा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। जिसकी वजह से तटीय क्षेत्र के गांवों की तरफ बाढ़ का पानी बढ़ता ही जा रहा है। पचीसा टापू पर बुधवार रात पानी ने जबरदस्त तरीके से कटान किया। करीब 50 फीट चौड़ी व एक किलोमीटर लंबी जमीन की पट्टी नदी में बह गई। टापू का एक हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ गया है। उधर बैराजों से गुरुवार को सवा दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसकी वजह से आने वाले दिनों में घाघरा का रूप और भयावह होने का अंदाजा लगाया जा रहा है।
रेउसा क्षेत्र में दुुर्गापुरवा, रामलालपुरवा व ठेकेदार पुरवा के निकट घाघरा नदी का पानी बहकर बाहर आ रहा है। उधर, पचीसा टापू पर बुधवार रात नदी ने कटान तेज कर दी। यहां 40 फीट चौड़ा व एक किलोमीटर लंबा टापू का हिस्सा कटकर नदी में समा गया है। टापू का एक बड़ा भाग भी उफनाई घाघरा की चपेट में आकर बाढ़ का हिस्सा बन गया है। इस टापू पर करीब 300 परिवारों के बसे होने की बात कही जा रही है। वहीं तटीय क्षेत्र के करीब आठ गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। सबसे अधिक मुसीबत बरसाती नाले बने हुए हैं, जो इन दिनों बाढ़ की प्रमुख वजह बन गए हैं। उन्हीं नालों के रास्ते बाढ़ का पानी आबादी की तरफ बढ़ रहा है। तटीय क्षेत्र के करीब 10 ऐसे गांव हैं, जहां पर ग्रामीणों का पलायन जारी है। वजह यह है कि घाघरा की बाढ़ का पानी दो दिनों से बढ़ता ही जा रहा है। उधर घाघरा, बनबसा व शारदा बैराजों से 2,15,688 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिससे हालात सामान्य होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
गैस एजेंसी भी आई बाढ़ की चपेट में
चहलारी घाट पुल के निकट गैस एजेंसी है। बगल से ही बरसाती नाला निकला है। यह नाला बरसात का पानी घाघरा नदी में गिराता है, लेकिन इन दिनों यह नाला उलटा बह चला है। घाघरा नदी के उफनाने से नदी का पानी तेजी से आबादी की तरफ बढ़ रहा है। गैस एजेंसी के पीछे के खेत बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
बैराजों से छोड़ा गया पानी
घाघरा बैराज 115127 क्यूसेक
शारदा बैराज 39395 क्यूसेक
बनबसा बैराज 61166 क्यूसेक