लाख जतन के बाद भी घट रही बच्चों की संख्या
जिले के परिषदीय स्कूलों में पिछले सत्र के मुकाबले 16 हजार बच्चे हो गए कम
सीतापुर। परिषदीय स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार ड्रेस, मिड-डे मील, किताबें, बैग, दूध और फल तक बंटवा रही है। स्कूल चलो अभियान के तहत गांव-गांव रैली निकाली जाती है पर सरकार के लाख जतन के बाद भी परिषदीय स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ने के बजाय घटती जा रही है। पिछले सत्र के मुकाबले अबकी जिले के परिषदीय स्कूलों में बच्चों की संख्या 16 हजार कम हो गई है। प्राइमरी शिक्षा के लिए यह चिंता का विषय है।
प्रदेश सरकार बच्चों को गुणवत्ता परक प्राइमरी शिक्षा प्रदान करने के लिए तमाम तरह की योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करती है। इसके बाद भी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा का स्तर और बच्चों की संख्या गिरती जा रही है। परिषदीय स्कूलों में बच्चों को नि:शुल्क किताबें, ड्रेस, बैग के अलावा मध्याह्न भोजन, दूध व फल तक वितरित किया जाता है। जुलाई माह में स्कूल चलो अभियान चलाकर रैलियों के माध्यम से बच्चों का नामांकन स्कूल में करवाने के लिए उनके पाल्यों को प्रेरित किया जाता है। जिले में 4160 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में 3 लाख 49 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। जबकि पिछले सत्र में बच्चों की संख्या 3 लाख 65 हजार थी। बच्चों की घटती तादाद सरकार की तमाम योजनाओं पर सवालिया निशान खड़ा कर रही है।
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फैक्ट फाइल
प्राइमरी स्कूल- 3015
पंजीकृत बच्चे- 2 लाख
उच्च प्राथमिक स्कूल- 1145
पंजीकृत बच्चे- 1 लाख 49 हजार
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शिक्षा का स्तर न सुधरना बड़ी वजह
सेवानिवृत्त शिक्षक एबी सिंह कहते हैं, कि परिषदीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर नहीं सुधर पा रहा है। चूंकि प्रत्येक अभिभावक अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाना चाहते हैं। इसलिए वह प्राइमरी स्कूलों में अपने बच्चे नहीं भेजते हैं। सेवानिवृत्त शिक्षक राम शंकर मिश्रा बताते हैं, कि तमाम तरह की सुविधाओं पर अच्छी शिक्षा न मिल पाना भारी पड़ती है। यही वजह है कि बच्चों की संख्या घटती जा रही है। शासन को परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक माहौल बनाकर शिक्षा का स्तर ऊंचा करना होगा।
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नामांकन बढ़ाने पर विशेष जोर
शासन की ओर से संचालित सभी योजनाओं का लाभ बच्चों को दिया जाता है। शत-प्रतिशत नामांकन के लिए जुलाई से स्कूल चलो अभियान चलाया जाएगा। तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नामांकन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
पन्नाराम, बीएसए