रिवाल्वर खोलेगा वारदात की कहानी
ट्रिपल मर्डर में अहम कड़ी बना रिवाल्वर
सीतापुर। शहर के सिविल लाइंस में दाल व्यवसायी सुनील जायसवाल, उसकी पत्नी कामिनी व पुत्र ऋतिक की हत्या के तीन दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ है। हालांकि एसटीएफ के साथ क्राइम ब्रांच भी मामले के खुलासे में लगी है लेकिन पुलिस टीम को अब तक कोई खास कामयाबी नहीं मिल सकी है।
सूत्र बता रहे हैं कि पुलिस का मानना है कि इस पूरी वारदात में रिवाल्वर वाले बदमाश ने अहम रोल निभाया है। यही वजह है कि पुलिस ऐसे अपराधी की तलाश में है, जो रिवाल्वर से निशाना लगाने में माहिर हो। अब तक जिले के जितने भी संदिग्ध पकड़े गए हैं, उनमें इस बात का खास ध्यान रखा जा रहा है कि पकड़ा गया बदमाश रिवाल्वर चला पाता है या फिर सिर्फ अवैध असलहों को ही चलाने का आदी है। हालांकि पुलिस इस संबंध में वारदात के राजफाश से पहले कुछ भी बोलने से इन्कार कर रही है।
होटलों का रिकॉर्ड भी देखा
संदेह जताया जा रहा है कि ट्रिपल मर्डर में गैर जनपद के बदमाशों का भी हाथ हो सकता है, इसलिए पुलिस शहर के होटलों का भी रिकॉर्ड खंगाल रही है। बीते तीन दिन व रात में होटलों में कौन-कौन आकर ठहरा, इसका भी पता लगाया जा रहा है। वजह ये है कि पुलिस के हाथ अभी तक ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं लगा है, जिससे वह ट्रिपल मर्डर मामले में मुल्जिमों तक पहुंच सके।
पश्चिम से पूर्वांचल तक के अपराधियों पर नजर
ट्रिपल मर्डर मामले में पुलिस तमाम पहलुओं पर ध्यान दे रही है। इसमें पुलिस वारदात अंजाम देने के तरीकों को लेकर तफ्तीश कर रही है। जिस तरीके से महज दो मिनट में ही बदमाशों ने एक परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी और उसके बाद बैग लूटकर फरार हुए, उसे देख पुलिस का मानना है कि बदमाश पेशेवर हैं। वारदात के तरीकों से पुलिस ये अंदाजा लगा रही है कि हाल के दिनाें में कहां-कहां लूट के दौरान बदमाशों से हत्या से भी गुरेज नहीं किया। यही वजह है कि पुलिस पश्चिम से लेकर पूर्वांचल तक के अपराधियों पर नजर रख रही है। ऐसे अपराधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जो बेहद शातिर हैं और हाल ही में जेल से छूटकर बाहर आए हों। यही वजह है कि एसटीएफ के साथ क्राइम ब्रांच शाहजहांपुर, बरेली, मेरठ, गाजियाबाद आदि जिलों के अपराधियों की टोह ले रही है। वहीं गोंडा, गोरखपुर, बस्ती, देवरिया आदि जिलों के अपराधियों की कुंडली खंगाली जा रही है।