दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत जिले के 1042 अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिलेगा। ये विद्यार्थी शैक्षिक सत्र 2015-16 में कॉलेज व डिग्री कॉलेजों में विभिन्न कोर्सों में पढ़ने वाले हैं।
ये छात्र ऑनलाइन आवेदन में कमियों के चलते लाभ पाने से वंचित रह गए थे। शासन ने वंचित एससी विद्यार्थियों का लाभ देने का निर्णय लिया है। जिले से 30 मई तक डाटा मांगा गया था, जिसे शासन को मुहैया करा दिया गया है।
शासन स्तर से दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना चलाई जा रही है। इस योजना में हाईस्कूल से ऊपर के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिलता है। बशर्ते परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम हो। शैक्षिक सत्र 2015-16 में ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे।
इन आवेदनों की जांच के बाद एससी वर्ग के 1042 विद्यार्थी छात्रवृत्ति का लाभ पाने से वंचित रह गए थे। कारण यह था कि इनके आवेदन में तमाम खामियां थीं। इससे आहत छात्रों ने जिले से लेकर शासन स्तर तक प्रदर्शन किया था। इस पर शासन ने इनको योजना का लाभ देने का निर्णय लिया था।
क्या रही कमियां
जिस कक्षा में आवेदन किया, उसके पिछले वाली कक्षा का जिक्र ही नहीं किया। आय प्रमाणपत्र व जाति प्रमाणपत्र का ऑनलाइन सत्यापन में रजिस्ट्रेशन नंबर मेल नहीं खाया। जन्मतिथि प्रमाणपत्राें से भिन्न रही है। आय प्रमाणपत्र मानक से अधिक लगा दिया। कोर्स की डिटेल भरी ही नहीं। खाता नंबर गलत है या भरा नहीं, आदि गलतियां आवेदन फार्मो में की थी।
बहुत अच्छा है फैसला
छात्रवृत्ति से वंचित विद्यार्थी अंकुश सिंह का कहना है कि शासन ने लाभ देने का निर्णय लिया है। यह बहुत ही अच्छा फैसला है। अनीता का कहना है कि लाभ मिलने से आगे की पढ़ाई कर सकूंगी। मोहित का कहना है कि शासन को चाहिए कि वह गलत आवेदन स्वीकार ही न करे, जिससे तुंरत गल्ती सुधारने का मौका मिलेगा। कई चरणों में जांच के बाद पता चलता है, जिससे बहुत विलंब हो जाता है।