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शहरों में बनेंगे 1772 प्रधानमंत्री आवास

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चार निकायों में होगा मकानों का निर्माण, शासन ने दी मंजूरी, जल्द होगा लाभार्थियों का चयन
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सीतापुर। शहरी गरीबों की अब खुद सरकारी छत होगी। इन्हें आशियाना मुहैया कराने को जिले में 1772 नए आवास बनेंगे, हालांकि इससे पूर्व यहां पर 7645 आवासों का निर्माण हो चुका है। नए आवास यहां की चार नगर पालिका व पंचायत में बनवाए जाएंगे। इसके लिए शासन ने मंजूरी दे दी है। ऐसे में जल्द ही लाभार्थियों को चयनित कर उन्हें आवास दिए जाएंगे।

बता दें कि सीतापुर जिले में 11 निकायें हैं, इनमें छह पालिका और पांच पंचायतें शामिल हैं। यहां के बाशिंदों को आवास सुविधा मुहैया कराने के लिए बसपा शासन काल में कांशीराम आवासीय कॉलोनियां विकसित की गई थी। इन आवासीय कॉलोनियों में शहरी गरीबों को आवास आवंटित किए गए थे। बावजूूद इसके काफी संख्या में गरीब आवास पाने से वंचित रह गए थे।
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ये लोग सड़कों के किनारे झोपड़ पट्टी डालकर या फिर पॉलिथीन के नीचे गुजरबसर कर रहे थे। इसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंवई इलाके की तर्ज पर शहरों में प्रधानमंत्री आवास योजना चालू की थी। इस योजना में जिले की सभी निकायों में अब तक 7645 प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण हो चुका है।

फिर भी लोग सरकारी छत पाने के लिए सरकारी कार्यालयों की भागदौड़ कर रहे थे। इनकी मांग पर सीतापुर जिले में 1772 नए प्रधानमंत्री आवास निर्माण कराने के लिए डूडा ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। इस पर शासन ने मंजूरी दे दी है। ऐसे में अब जल्द ही शहरी गरीबों को यह आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। इन आवासों के आवंटन के लिए लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।
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यह हैं मानक
शहरी क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना में आवेदक की सालाना आय तीन लाख से कम होनी चाहिए। देश व प्रदेश में कहीं भी मकान नहीं होना चाहिए।

इन निकायों में स्वीकृत हुए आवास
पैंतपुर- 365, हरगांव- 367, महोली- 443, सिधौली- 597।

शासन की मंशानुसार हर व्यक्ति को आवास देने है, हर कोई अपने घर में रहेगा। इसके लिए प्रशासन ने चार नगर पालिका, पंचायत के लिए 1772 प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी है। इसके लिए सर्वे कार्य किया जा रहा है। जल्द से जल्द इन पालिका व पंचायतों में आवासों की राशि दे दी जाएगी।
-पीयूष मिश्रा, सिविल इंजीनियर
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