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बुखार से एक ही गांव में चार की मौत, 35 बीमार

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सूचना पर पहुंचे डॉक्टरों को ग्रामीणों ने बनाया बंधक, पुलिस ने शांत कराया मामला
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औरंगाबाद (सीतापुर)। गोंदलामऊ इलाके में बुखार की चपेट में आकर चार लोगों की मौत हो गई। सभी कई दिनों से बुखार की चपेट में थे। मौत दर मौत की सूचना पर शुक्रवार को गांव पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों को आक्रोशित ग्रामीणों ने बंधक बना लिया।

उनका आरोप था कि अगर सही तरीके से जांच करके इलाज होता तो आज यह मौतें नहीं होती। एसडीएम व पुलिस ने आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। मरने वालों में एक घर के ससुर-बहू भी शामिल हैं।
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स्वास्थ्य महकमा यह मौतें बुखार से नहीं, बल्कि अन्य कारणों से होना बता रहा है। हाल ये है कि पूरा गांव बुखार से पीड़ित है मगर अब तक जिले स्तर से कोई उच्च स्तरीय टीम गांव का भ्रमण करने नहीं पहुंची है। करीब 35 लोग बुखार की चपेट में आकर इधर-उधर इलाज करा रहे हैं।

नटवरग्रंट जमुनापुर गांव संक्रमण की चपेट में आ चुका है। यहां पर तेजी से बुखार फैल रहा है। यह बुखार कौन सा है, स्वास्थ्य विभाग अभी तक इसका पता नहीं लगा सका है। गांव की आशा (30) को कई दिनों से बुखार आ रहा था। पहले ये जिला अस्पताल में भर्ती हुईं।

उसके बाद तबियत सही होने पर घर चली गई थीं। फिर से हालत खराब हुई तो सीएचसी गोंदलामऊ पर दिखाया। इसके बाद इनकी मौत हो गई। आशा के ससुर रमेश (50) ये भी बुखार की चपेट में आकर बीमार चल रहे थे। रात में बहू आशा की मौत हुई तो सुबह ससुर रमेश ने भी दम तोड़ दिया।

गांव के ही हरीशचंद की पुत्री सुषमा (6) यह भी बुखार से ग्रसित थी। इनकी भी मौत हो गई। बुजुर्ग रामलाल (80) तेज बुखार आने से दर्द से कराह रहे थे। उनकी भी शुक्रवार दोपहर बाद मौत हो गई। इन सभी का सीएचसी गोंदलामऊ से इलाज चल रहा था।

मौत दर मौत से ग्रामीण आक्रोशित हो गए। डॉक्टर वैशाली की जब टीम गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने उनको बंधक बना लिया। इसके बाद एसडीएम मिश्रिख राजीव पांडेय व पुलिस बल मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
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ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो सप्ताह से गांव में बुखार का प्रकोप फैला हुआ है। टीम गांव आकर केवल पैरासिटामॉल की गोली देकर चली गई थी। अगर सही तरीके से इलाज किया होता तो आज यह मौतें न होतीं।

मौत के अन्य हैं कारण
आशा के खून की कमी थी। रमेश को हार्ट अटैक हुआ है। सुषमा को पेट में दिक्कत थी। इसी वजह से उनकी मौत हुई है। अन्य मरीजों को दवाएं दी गई हैं।
-डॉ. धीरज मिश्रा, सीएचसी अधीक्षक गोंदलामऊ

आक्रोशित थे ग्रामीण
एक ही गांव में कई मौतों की जानकारी होने पर गए थे। ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। उनकी समस्याएं सुनकर समझा दिया गया है।
-राजीव पांडेय, एसडीएम
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