ट्रिपल मर्डर खुलासे के लिए आज से अनशन
क्रमिक अनशन में शामिल होंगे कई संगठन
सीतापुर। सिविल लाइंस में हुए ट्रिपल मर्डर मामले के खुलासे की मांग को लेकर बुधवार से कई संगठन अनशन करेंगे। अनशन शहर के लालबाग चौराहा के निकट कचहरी गेट के सामने होगा। व्यापारी मंगलवार तक खुलासे का इंतजार करते रहे, जिसके बाद अब वे आंदोलन के मूड में दिखाई दे रहे हैं। इस आंदोलन में उन्हें अधिवक्ताओं का भी साथ मिल रहा है।
अनशन को लेकर अग्रसेन अतिथि भवन में सभी व्यापार मंडलों के प्रतिनिधियों व बार एसोसिएशन के पदाधिकारी ने सोमवार को बैठक भी की थी। जिसमें ट्रिपल मर्डर मामले की गुत्थी न सुलझने को लेकर रोष जताया गया। एक सप्ताह पूर्व मंगलवार रात सिविल लाइंस निवासी दाल व्यवसायी सुनील जायसवाल, उसकी पत्नी कामिनी व पुत्र ऋतिक की उनके घर के सामने ही सड़क पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एक सप्ताह बीतने के बाद भी इस घटना का खुलासा नहीं हो सका है। जबकि मुख्यमंत्री भी जल्द खुलासे के निर्देश दे चुके हैं। उधर, लहरपुर एवं महमूदाबाद के व्यापारियों ने भी क्रमिक अनशन में अपना सहयोग देने की घोषणा की है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, विनीत शुक्ल एवं व्यापारियों के प्रतिनिधि प्रदीप गुप्ता, विश्ववीर गुप्ता, गोपाल टंडन, सुशील अग्रवाल, भगवती गुप्ता आदि ने ट्रिपल मर्डर के खुलासे की मांग को लेकर अनशन करने की चेतावनी दी है।
क्राइम ब्रांच के छूट गए पसीने
क्राइम ब्रांच के शहर में हुई तिहरे हत्याकांड की घटना का खुलासा करने में पसीने छूट रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि कई बार अपने मुखबिरों को ही जेल की हवा खिला देने वाली क्राइम ब्रांच इस हाई प्रोफाइल मामले में काफी फूृंक-फूंककर कदम रख रही है। हालांकि यहां न ही उसका सर्विलांस सिस्टम काम आ रहा है और न ही उसकी जाबांजी। उसके मुखबिरों का जाल भी शायद काम नहीं आ रहा है। क्राइम ब्रांच इधर-उधर से संदिग्धों को उठा कर अंधेरे में तीर चला रही है। इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा करने में एसटीएम की मदद ली जा रही है। जिसके जरिए घटना से जुड़ी कुछ चीजें पुलिस के खुलासे में मदद कर रही हैं।
संदिग्धों से पूछताछ के नाम पर मनमानी
पूछताछ के नाम पर उठाकर लाए गए कुछ लोगों के मामले में पुलिस की मनमानी सामने आई है। सूत्र बताते हैं कि पुलिस ने इस ट्रिपल मर्डर के मामले में कई लोगों को पूछताछ के नाम पर उठाया। उनसे कड़ाई से पूछताछ की। जब कुछ नहीं निकला तो कुछ लोगों को जाने दिया, लेकिन कुछ लोगों को उसने जेल भी भेज दिया। सूत्र बताते हैं कि पुलिस ने लोगों को भरोसे में लेकर पहले कुछ लोगों को पूछताछ के नाम पर थाने बुलाया। बाद में उन्हें दूसरे मामलों में जेल रवाना कर दिया।