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Sitapur News: 100 बीघा नजूल की भूमि खाली कराई, चला बुलडोजर

Tue, 02 Jun 2026 12:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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जोशीटोला में बोर्ड लगाकर मौजूद एसडीएम, सीओ सहित अन्य अ​धिकारी।
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खैराबाद। सदर तहसील के जोशीटोला व करनपुर में प्रशासन ने अतिक्रमण को बुलडोजर से ढहाकर 100 बीघा नजूल की भूमि खाली कराई। इस जमीन की कीमत करीब 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है। भूमि पर पूर्व मंत्री के बेटे समेत कई लोग काबिज थे। सभी कब्जेदारों को प्रशासन की ओर से कब्जा हटाने के लिए 11 मई को नोटिस दिया गया था। तय समय में जमीन खाली न करने पर सोमवार को प्रशासन की ओर से कार्रवाई की गई।
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जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर के निर्देश पर सोमवार को नगर में नजूल भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। एसडीएम सदर, तहसीलदार सदर, क्षेत्राधिकारी व खैराबाद नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी की टीम बुलडोजर लेकर जोशीटोला व करनपुर पहुंची।

यहां लहरपुर सड़क से सुजावलपुर जाने वाले मार्ग पर नजूल भूखंड संख्या 322, 323, 324, 325, 326, 327 एवं 328 पर बनी पक्की बाउंड्रीवॉल को बुलडोजर से ढहाकर अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इस भूमि पर पूर्व मंत्री दिवंगत बुनियाद अंसारी के बेटे जुनैद अंसारी, इश्तियाक हुसैन, आबिद अली, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष दिवंगत हाजी मोहम्मद हनीफ अंसारी एवं अन्य व्यक्तियों का अस्थायी कब्जा था।
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अधिशासी अधिकारी ने बताया कि इस भूमि का क्षेत्रफल लगभग 100 बीघा है। इसका अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 100 करोड़ रुपये है। जमीन कब्जे में लेकर यहां जिलाधिकारी के आदेश का बोर्ड भी लगा दिया गया है। इसके अलावा बिसवां-सीतापुर मार्ग स्थित नजूल भूखंड संख्या 2157 पर निर्मित अवैध दुकानों को बुलडोजर से गिराकर लगभग 3000 वर्ग फीट भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। इस भूमि पर शफीकुन निशा पत्नी रफीक खां ने पक्की दुकानों का निर्माण करा लिया था। इस भूमि का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग एक करोड़ रुपये है।



पूर्व मंत्री के बेटे ने कहा, हमें बदनाम किया जा रहा
पूर्व मंत्री दिवंगत बुनियाद अंसारी के बेटे जुनैद अंसारी ने बताया कि नगर पालिका के 45 नंबर रजिस्टर में गाटा संख्या 324, 325, 328 जोशीटोला के निवासी पूर्णानंद के नाम नान जेड ए भूमि दर्ज है। मेरे पिता ने 10 बीघा जमीन इनके बेटे हरिवंश से रजिस्ट्री कराई थी। जिस पर खेती किसानी की जा रही है। इसके अलावा किसी भूमि से मेरा कोई वास्ता नहीं है, हमें बदनाम किया जा रहा है।



हाईकोर्ट में अभी चल रही है सुनवाई...
इश्तियाक हुसैन उर्फ नब्बन का कहना है कि हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। अगली तारीख तीन जून लगाई गई है। हमारी 20 बीघा जमीन की रजिस्ट्री है, जो नगरपालिका के अभिलेखों में बाग के तौर पर दर्ज है। बाकी किसी भूमि से मेरा कोई वास्ता नहीं है। 20 बीघा भूमि पर बाउंड्रीवॉल बाग की सुरक्षा के लिए बनाई गई थी। जिसे प्रशासन ने गिरा दिया है। हाईकोर्ट के निर्णय का इंतजार भी नहीं किया गया।
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