कार्यक्रम के दौरान मौजूद अतिथि।
सीतापुर। साधन सहकारी समितियों से महिला किसानों को लाभान्वित किया जाएगा। इसके लिए जिले की 10 हजार महिला किसानों को समिति का सदस्य बनाया जाएगा। इसके लिए 12 सितंबर से एक माह तक सदस्यता महाअभियान चलाया जाएगा। अभियान में 40,000 हजार सदस्य बनाए जाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए समितिवार जिम्मेदारी दी गई है।
बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समितियों में सदस्य बनाए जाने के लिए 12 सितंबर से 12 अक्तूबर तक सदस्यता महाअभियान चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य गांव-गांव में सहकारी समिति की सदस्य संख्या बढ़ाना और अधिक किसानों व ग्रामीणों का सहकारिता तंत्र से जोड़ना है। उन्हें औपचारिक बैंकिंग व ऋण से जोड़ना है। इससे कृषि और ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलेगा। समितियों के माध्यम से किसानों को ऋण, बीज, खाद और अन्य कृषि संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
हर समिति को बनाने हैं 200 सदस्य
जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष विष्णु मौर्य ने बताया कि जिले में 204 समितियां हैं। प्रत्येक समिति को 200 सदस्य बनाने का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने बताया कि महिला किसानों को वरीयता के आधार पर सदस्य बनाया जाएगा। 40 हजार सदस्यों में से 10 हजार महिलाएं होंगी।
समिति सचिव और अध्यक्षों की दी गई जानकारी
सहकारी समिति सदस्यता महाअभियान को सफल बनाने के लिए जिले की सभी समितियों के सचिव और अध्यक्षों की कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत के नेहरू हॉल में किया गया। इसके मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला ने समिति सदस्य बनने से होने वाले फायदों के बारे में बताया। जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष विष्णु मौर्य ने कहा कि सभी समिति सचिव लक्ष्य को पूरा करें। डीसीडीएफ के चेयरमैन रोहित सिंह, पीसीएफ के संचालक विश्राम सागर राठौर, जिला सहकारी बैंक की उपाध्यक्ष इंदू सिंह चौहान, संचालक मनोज मिश्रा, सहायक निबंधक सहकारिता नवीन चंद्र शुक्ला आदि ने कार्यशाला में सदस्य बनाए जाने के बारे में बताया।