सीतापुर। जिले में इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में 33868 विद्यार्थी सफल हुए हैं। वहीं, जिले के डिग्री कॉलेजों में पारंपरिक स्नातक यानी बीए, बीएससी व बीकॉम की करीब 24 हजार सीटें ही हैं। ऐसे में इन सीटों के सापेक्ष करीब 10 हजार ज्यादा छात्र हैं, लेकिन इसके बाद भी छात्रों को दाखिला लेने में समस्या नहीं आएगी। इसकी वजह ये है कि अब छात्रों का रुझान पारंपरिक स्नातक से ज्यादा रोजगारपरक शिक्षा की ओर है।
जिले में राजकीय महाविद्यालय की बात करें तो दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय खैराबाद, फकरूद्दीन अली अहमद महमूदाबाद व राजकीय महाविद्यालय कुचलाई है। इसी तरह अनुदानित महाविद्यालय में आरएमपी कॉलेज, हिन्दू कन्या महाविद्यालय सीतापुर, गांधी महाविद्यालय सिधौली व आचार्य नरेंद्र देव टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज शामिल हैं। इसके अलावा करीब 73 निजी महाविद्यालय हैं।
एक महाविद्यालय में बीए, बीएससी व बीकॉम की करीब 300 सीटें उपलब्ध हैं। शिक्षकों का कहना है कि भले ही इंटर में पास होने वाले छात्रों की संख्या ज्यादा है, लेकिन स्नातक के पारंपरिक कोर्स में दाखिला लेने में दिक्कत नहीं आएगी। कारण ये कि अब ज्यादातर विद्यार्थी नर्सिंग, आईटीआई, बीटेक सहित विभिन्न प्रतियोगी व रोजगारपरक शिक्षा की तरफ अधिक आकर्षित हो रहे हैं। आरएमपी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रजनीकांत श्रीवास्तव बताते है कि पिछले साल भी इसी तरह के हालात उत्पन्न हुए थे, लेकिन इसके बाद भी महाविद्यालयों में स्नातक की काफी सीटें खाली रह गई थीं। इसलिए मौजूदा परिदृश्य में सीटों की कोई कमी नहीं है।