सूबे में पहली बार योगी आदित्यनाथ सरकार ने आलू किसानों की सुधि ली है। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में सरकार ने आलू का समर्थन मूल्य 487 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। जिसके बाद आलू किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
नुकसान की भरपाई और मुनाफे की उम्मीद से 10 हजार किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। जिले में इस बार करीब 30 हजार हेक्टेअर भूभाग में आलू की बोआई हुई थी। जिसमें लगभग 86 हजार क्विंटल आलू का उत्पादन हुआ है।
अबकी आलू के बेहतर उत्पादन से बाजार में भाव काफी गिर गए थे। किसानों को खरीददार न मिलने और कोल्ड स्टोरेज में रखने पर कुल खर्च भी निकलता न देख किसान मजबूरी में सस्ती दरों पर आलू बेचने लगे।
नतीजतन, बाजार में आलू के रेट लुढ़ककर ढाई से तीन रुपया प्रति किलो आ पहुंचा। आलू किसान घाटा होने से काफी मायूस नजर आने लगे। इसी बीच मंगलवार को योगी सरकार ने कैबिनेट बैठक में आलू का समर्थन मूल्य 487 रुपये प्रति क्विंटल घोषित कर दिया।
यह पहली बार है, जब किसी सरकार ने आलू का समर्थन मूल्य 487 रुपये किया है। सरकार की ओर से आलू किसानों के लिए यह घोषणा किसी सौगात से कम नहीं है। नुकसान से उबरने की उम्मीद से आलू किसानों के चेहरे दमक उठे हैं।