सीतापुर। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन रविवार को जिले के 66 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हुआ। मेले में 3050 मरीजों ने इलाज कराया। इसमें सबसे अधिक करीब दो हजार मरीज जाड़ा लगकर बुखार आना, खांसी, पेट दर्द व त्वचा रोग के प्रमुख रहे। इन मरीजों को एक सप्ताह की दवा देकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज कराने की सलाह दी गई। रविवार को अवकाश के बावजूद स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की संख्या कम होने के बजाए बढ़ती रही। केंद्रों पर प्राथमिक तौर पर शुगर, हीमोग्लोबिन, फीवर व मलेरिया की जांचें हुईं। गंभीर जांचों के लिए सीएचसी से करवाने की सलाह दी गई। सीएमओ डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि मलेरिया व बुखार से लोग संक्रमित हो रहे हैं। इसलिए इन सभी बीमारियों की पर्याप्त दवाएं मौजूद है।
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डेंगू की आशंका
शहर के विकास नगर निवासी माता पिता व बेटी को बुखार आ रहा था। परिजनों ने प्राइवेट में प्राथमिक जांच करवाई। इसमें प्लेटलेट्स 30 हजार से कम मिली। चिकित्सकों ने डेंगू की आशंका जताई है। इन सभी का खैराबाद के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। हालांकि इलाज के बाद तीनों की हालत में सुधार हुआ है। सीएमओ ने बताया कि जिले में डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया है।
केस 1
आठ की हुई मलेरिया की जांच
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सेवता में चिकित्सक की तैनाती नहीं है। फार्मासिस्ट जितेंद्र मिश्रा ने 88 मरीजों को दवा दी। अधिकतर मरीज वायरल फीवर से परेशान थे। लैब सहायक नितिन बाजपेयी ने मलेरिया के लक्षण दिखने पर आठ मरीजों का टेस्ट किया। इन सभी की रिपोर्ट निगेटिव आईं।
केस 2
जांच में मलेरिया की हुई पुष्टि
शहर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खूबपुर, दुर्गापुरवा व सदर बाजार में मरीजों की भीड़ दिखाई दी। सुबह 10 बजे से चिकित्सकों ने मरीजों का इलाज करना शुरू किया। इस दौरान 30 मरीजों की मलेरिया की जांच हुईं। प्राथमिक तौर पर कार्ड से हुई जांच में 10 मरीज मलेरिया संक्रमित मिले। इन मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है।