राहुल त्रिपाठी
सिद्धार्थनगर। पारा गिरने के साथ सर्दी का सितम और कोहरे बढ़ता जा रहा है। घने कोहरे में दृश्यता कम होने से सड़क दुर्घटनाओं और हादसों की आशंका बढ़ जाती है। बेजुबान जानवर भी हादसे के शिकार होते हैं। नाैगढ़ क्षेत्र के कुछ युवा इन्हें बचाने के लिए रेडियम बेल्ट पहनाने की मुहिम चला रहे हैं।
इंसानी जान की फिक्र आमतौर पर तो सभी करते नजर आते हैं, लेकिन छुट्टा पशुओं को नजरंदाज कर दिया जाता है। बेजुबान छुट्टा जानवर एक ओर जहां सर्दी के चलते खुले आसमान के नीचे ठिठुरते रहते हैं, वहीं दूसरी ओर घने कोहरे के चलते आए दिन दुर्घटना का शिकार हो होते रहते हैं। सड़क पर घूम रहे मवेशियों के इसी बदहाली को देखकर जिले के तीन युवाओं ने उन्हें कोहरे के मौसम में सुरक्षित करने का अभियान शुरू किया है। सड़क पर घूमने वाले छुट्टा पशुओं के गले में युवाओं ने रेडियम बेल्ट लगाने की पहल की है।
नौगढ़ तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत महुलानी के रहने वाले श्याम शर्मा अपने साथियों आदर्श पांडेय, आदित्य जायसवाल और विनय कुमार के साथ मिलकर इस काम में लगे हैं। युवाओं ने बताया कि कोहरा बढ़ने के साथ कई जगहों पर उन्होंने छुट्टा पशुओं खासकार गोवंशीय को घायलावस्था में सड़कों पर पड़े देखा।
कम विजिबिलिटी के चलते वह हादसे का शिकार हुए और इससे सड़क पर चलने वाले वाहनों को भी खतरा पैदा हुआ होगा। ठंड के मौसम में बेजुबानों को बचाने के लिए अब वह अपने साथियों के साथ पूरे दिन छुट्टा पशुओं को तलाशते रहते हैं। सड़क पर कहीं पर भी नजर आने पर वह पहले अपने पास मौजूद घास व हरी सब्जी खिलाकर उन्हें काबू में करते हैं और फिर गले में रेडियम बेल्ट पहना देते हैं। अपने इसी अभियान में युवाओं ने शनिवार को शहर के हुसैनगंज मोहल्ले में घूम रहे पांच मवेशियों के गले में रेडियम बेल्ट लगाया।
अब तक दो दर्जन छुट्टा पशुओं को वह रेडियम बेल्ट पहना चुके हैं, हालांकि एक मवेशी के हमले में टीम के एक सदस्य को हल्की चोट भी आई। बावजूद इसके युवाओं का उत्साह कम नहीं हुआ और उनका कहना है कि पूरे शीतलहरी तक उनका अभियान जारी रहेगा।
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