घेरकर पीटा, खिलाया जहरीला पदार्थ, मौत
गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान हुई मौत
पूर्व में हुए विवाद में घटना को अंजाम देने का मृतक के पिता ने लगाया आरोप
भवानीगंज थाना क्षेत्र के परसपुर गांव का है मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। धनुवाडीह निवासी राष्ट्रपति पांडेय ने कुछ लोगों पर रंजिश में पुत्र को पीटने और जहरीला पदार्थ पिलाने का आरोप लगाया है। आरोप है कि इस कारण उनके पुत्र की गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई। उन्होंने भवानीगंज थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। देर रात एसडीएम त्रिभुवन, सीओ उमेश शर्मा सहित सर्किल के सभी थानाध्यक्षों और स्थानीय विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
धनुवाडीह निवासी राष्ट्रपति पांडेय ने बताया कि उनका बेटा अनुराग पांडेय (17) बुधवार शाम किसी कार्य से बयारा जा रहा था। इसी बीच परसपुर गांव के दक्षिण तरफ स्थित बुद्ध विहार के पास कुछ लोगों ने उसे रोक लिया। पूर्व में हुए विवाद के कारण अनुराग को घेरकर मारने लगे। उसे जबरन जहरीला पदार्थ पिला दिया। इससे अनुराग की हालत बिगड़ने लगी। स्थानीय स्तर पर प्राइवेट इलाज के बाद बृहस्पतिवार सुबह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरियागंज ले गए। जहां पर डॉ. एमएम अंसारी ने जिला अस्पताल के लिए भेज दिया। बस्ती सदर अस्पताल में करीब डेढ़ घंटे इलाज के बाद वहां के चिकित्सकों ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया। जहां पर इलाज के दौरान शुक्रवार को सुबह आठ बजे उसकी मौत हो गई। गोरखपुर में ही पंचनामा के बाद शव का पोस्टमार्टम हुआ।
देर रात ही हुआ अंतिम संस्कार
रात करीब नौ बजे अनुराग का शव धनुवाडीह स्थित उसके आवास पर पहुंचा। इस मामले में पिता ने भवानीगंज पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद रात में ही सैकड़ों की संख्या में लोग घर पहुंच गए। पूरे गांव में कोहराम मच गया। देर रात में ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार के दौरान एसडीएमए सीओ व डुमरियागंज, भवानीगंज, त्रिलोकपुर के थानाध्यक्ष के अलावा स्थानीय विधायक भी मौजूद रहे। एसओ भवानीगंज रविंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मृतक के पिता की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी गई।
इकलौता बेटा था अनुराग
अनुराग पांडेय अपने पिता राष्ट्रपति पांडेय का इकलौता चिराग था। जो बुझ गया। अनुराग मौलाना आजाद इंटर कादिराबाद में कक्षा 11 का छात्र था। इसके पहले उसकी बहन प्रिया की भी 14 साल की उम्र में मौत हो चुकी है। अब केवल उसकी एक बहन छह वर्षीय रचना बची है। घटना को लेकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कई बार उसके मां-बाप व परिवार के अन्य सदस्य बेहोश हो गए।
तनावपूर्ण हो गया क्षेत्र का माहौल
शुक्रवार को अनुराग पांडेय की मौत की खबर आने के बाद आसपास के गांव के लोग धनुवाडीह स्थित राष्ट्रपति पांडेय के घर पहुंचने लगे। लोग आक्रोश में रहे। वहीं, पुलिस ने माहौल को भांप लिया। इससे परसपुर, बहेरिया चौराहे समेत गांव में पुलिस की तैनाती कर दी गई। डुमरियागंज के प्रभारी निरीक्षक केडी सिंह और भवानीगंज के प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुमार सिंह लगातार मॉनीटरिंग करते रहे। जबकि गांव के निवर्तमान प्रधान दिलीप पांडेय उर्फ छोटे समेत अन्य लोग परिजनों व आक्रोशित लोगों को शांत करने में जुटे रहे। इससे माहौल शांत रहा। एहतियात के तौर पर अब भी पुलिस की तैनाती है।