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युवक ने महिला मित्र को रुपये देने के लिए गढ़ी अपहरण की कहानी, जेल भेजा गया

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युवक ने महिला मित्र को रुपये देने के लिए गढ़ी अपहरण की कहानी, गया जेल
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पिता को फोन पर बताया, डेढ़ लाख रुपये नहीं देने पर अपहर्ता ले सकते हैं जान
अमर उजाला ब्यूरो
बांसी। महिला मित्र को डेढ़ लाख रुपये देने के लिए गांधीनगर के एक युवक ने खुद के अपहरण की कहानी गढ़ डाली। पिता को फोन कर बताया कि कुछ लोगों ने उसे अगवा कर लिया है यदि डेढ़ लाख रुपये नहीं दिए गए तो वे जान से मार देंगे। पुलिस ने चंद घंटों में ही युवक को बरामद किया तो सच्चाई सामने आई। अपहरण की झूूठी सूचना देने पर शांतिभंग की धाराओं में केस दर्ज कर युवक को जेल भेज दिया गया।
कस्बे के गांधी नगर निवासी एक व्यक्ति सोमवार सुबह परेशान हालत में कोतवाली पहुंचा। उसने बताया कि बेटा मेराज सुबह छह बजे पेट्रोल डलवाने की बात कह स्कूूटी लेकर घर से निकला था। थोड़ी देर बाद बेटे ने अपने मोबाइल से फोन कर बताया कि कुछ लोगों ने उसे अगवा कर लिया है। यह लोग छोड़ने के एवज में डेढ़ लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। रुपये नहीं देने पर वे जान से मार सकते हैं। अपहरण की आशंका पर पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। जिस मोबाइल से कॉल की गई थी तुरंत उसकी लोकेशन ट्रेस की जाने लगी।
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फोन की लोकेशन मिठवल रोड पर आई तो प्रभारी निरीक्षक शैलेश सिंह अपहर्ताओं से टक्कर लेने और बंधक को छुड़ाने के लिए पुलिस बल तैयार कर रवाना हुए। मौके पर मेराज अकेला मिला। पूछताछ हुई तो बताया कि उसका अपहरण नहीं हुआ था। दरअसल उसकी एक महिला मित्र को डेढ़ लाख रुपये की जरूरत थी। पिता से यह धनराशि निकलवाने के लिए अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी थी। उसे हिरासत में ले लिया गया। लॉकडाउन में ऐसी हरकत करने के कारण उसके खिलाफ शांतिभंग की धाराओं में केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक शैलेश कुमार सिंह प्रभारी के साथ एसआई शशांक कुमार सिंह, एसआई शेषनाथ यादव, आरक्षी दिलीप द्विवेदी सर्विलांस सेल और प्रभाकर राज सिंह शामिल रहे।
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