शोहरतगढ़। शोहरतगढ़ थाने के स्थानीय कस्बे में 17 दिसंबर को राम विवाह की शोभायात्रा यात्रा में युवक के झूमने के मामले में समुदाय के धर्म गुरु ने रमजान के इस महीने में जामा मस्जिद में शुक्रवार की जुमे की नमाज पर युवक के विरुद्ध नोटिस चिपकाया। उसमे लिखा गया कि शोहरतगढ़ कस्बा के वार्ड नंबर 10 गांधीनगर निवासी मो. दानिश को कौम से निस्कासित किया जाता है। इन्होंने राम विवाह में झूमने के मामले जामा मस्जिद में 26 जनवरी को माफी नही मांगी थी। नोटिस के माध्यम से दर्शाया गया कि कोई मुस्लिम समुदाय के लोग दानिश के घर किसी भी कार्य में सरीख नहीं होगा। न ही इनके परिवार को बुलाया जाएगा। वहीं, इस नोटिस के बाद दानिश ने थाने पर जाकर न्याय की गुहार लगाई। उसके बाद थाने पर धर्म गुरुओं व नगर के संभ्रांत लोग के बीच इस मामले को सुलह समझौता कर नोटिस को रद्द कर दिया गया।
इस मामले की वजह से विवाद उत्पन्न हुआ था
शोहरतगढ़ कस्बा के वार्ड नंबर 10 गांधीनगर निवासी मो. दानिश बीते 17 दिसंबर राम विवाह में झूमने के मामले में समुदाय के लोगों ने जामा मस्जिद में माफी मांगने लिए कहा था। जब उसने माफी नहीं मांगी तो कुछ लोगों ने खुन्नस में उसे 26 जनवरी को जुमे की नमाज के बाद मारा पीटा था। पीडि़त की शिकायत पर पुलिस ने सात लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कर पीड़ित का मेडिकल कराया था। मेडिकल में चोट के निशान और धारदार हथियार से गर्दन पर निशान की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने गैर कानूनी तरीके से भीड़ जमाकर बलवा करने, चोट पहुंचाने, धमकी देने की विभिन्न धाराओं में दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इनमें अन्य लोग की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। इसी मामले में जामा मस्जिद के धर्म गुरु अलताफ हुसैन ने इसके विरुद्ध बहिष्कार का नोटिस जारी कर चस्पा करवाया था। इस संबंध में थानाध्यक्ष राजकुमार पांडेय ने बताया कि पीड़ित ने इस मामले तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई थी। इस मामले में मुस्लिम समुदाय के धर्म गुरु व संभ्रांत लोग ने सुलह समझौता कराकर जारी नोटिस को रद्द कर दिया है।