दरवाजा खोला होता तो जिंदा न होता
अस्पताल में भर्ती घायल वीरेंद्र ने सुनाई दास्तान
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कुछ घंटे पहले ही साथ खाना खाकर निकला था। फिर फोन आने के बाद दुकान पर पहुंचा। दरवाजा खोलने के लिए मैंने आवाज लगाई। तभी तेज धमाका हुआ और दरवाजा आकर सामने गिरा। दीवार की ईंट से जख्मी हो गया। यह कहना था कि धमाके में घायल हुए वीरेंद्र का।
घायल वीरेंद्र ने बातचीत में उसने यह बताया कि राजमन उसकी गहरी दोस्ती थी। हम दोनों में खूब पटती थी। दोनों की उम्र में काफी अंतर था, लेकिन उनकी दोस्ती हमउम्र जैसी थी। वीरेंद्र ने बताया कि बृहस्पतिवार को दोनों एक साथ जोगिया क्षेत्र के एक होटल में खाना खाया। बकौल अरविंद दोनों ने शराब भी पी। नादेपार आने के बाद वह अपनी दुकान में चला गया। कुछ ही देर में राजमन ने उसे कॉल किया और दुकान पर आने को कहा। दुकान पर पहुंचा और बाहर से आवाज लगाई। दरवाजा नहीं खुला तो सोच ही रहा था कि दरवाजा खोलें। आगे बढ़ने वाला था कि तेज धमाके के साथ दरवाजा छिटक कर सामने आ गया और ईंट लगने से जख्मी होकर गिर गया। सामने कमरे में आग की लपटें थीं।