मांगें मनवाने के लिए राबर्ट्सगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर शनिवार को प्रदर्शन करते संविदा स्वास्थ्य कर्मी।
सिद्धार्थनगर। मनरेगा के तहत मजदूरी भुगतान न किए जाने से क्षुब्ध सेनुआ गांव के मजदूरों ने गुरुवार को विकास भवन पहुंचकर जमकर हंगामा किया। डीडीओ को कमरे में बंद कर दिया और बाहर धरने पर बैठ गए। ग्राम प्रधान, सेक्रेट्री और विभागीय अफसरों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। करीब तीन घंटे तक डीडीओ कमरे में बंद रहे। डीसी मनरेगा व ग्राम प्रधान के पहुंचने के बाद हंगामा शांत हुआ। अफसरों ने मामले की जांच कर बकाया भुगतान का आश्वासन दिया।
लोटन ब्लॉक अंतर्गत सेनुआ गांव में मनरेगा के तहत अप्रैल-मई में पोखरा खुदाई सहित अन्य कार्य हुए थे। मजदूरों का कहना था कि 11 माह बीतने के बाद भी प्रधान ने मजदूरी का भुगतान नहीं किया है। कई बार ब्लॉक स्तर तक गुहार लगाई गई, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। आरोप था कि अफसरों से मिलीभगत कर प्रधान ने मजदूरी का पैसा हड़प लिया है। अब उन्हें यहां-वहां भटकना पड़ रहा है। गुरुवार को शिकायत लेकर गांव के महिला-पुरुष विकास भवन सीडीओ से मिलने पहुंचे थे, लेकिन उनके मौजूद न होने के चलते डीडीओ कक्ष में धमक पड़ी। कमरे के बाहर से कुंडी लगाकर डीडीओ सुदामा प्रसाद को अंदर से बंद कर दिया। इस दौरान वहां पहुंचे डीडीओ के स्टाफ से भी उनकी नोकझोंक हुई। मजदूरों का कहना था कि ग्राम प्रधान को मौके पर बुलाया जाए, मजदूरी का भुगतान मिलने के बाद ही वह लौटेंगे।
करीब तीन घंटे बाद मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान सुरेंद्र मणि त्रिपाठी व डीसी मनरेगा उमेश चंद्र तिवारी ने समझा-बुझाकर मजदूरों को हटाया। प्रधान का आरोप था कि भुगतान बीडीओ स्तर से रुका हुआ है। कार्य के भुगतान के एवज में छह प्रतिशत कमीशन की मांग की जा रही है। डीसी मनरेगा ने आश्वासन दिया कि उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार भुगतान कराया जाएगा। प्रदर्शन में चंद्रभान, मंते प्रसाद, विश्वनाथ, मुराली प्रसाद, अजय शंकर, संतबली, बुधना, बौदा देवी, सिंगारी देवी, सविता, रुपमती, किसलावती, शनिचरा, बिंद्रावती, अकालमती, मीरा, रेखा, कावित्री आदि मौजूद रहे।