क्या है पूरा विवाद?
महिला द्वारा अधिकारियों को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, यह पूरा विवाद मृतक आश्रित कोटे की नौकरी और पारिवारिक संपत्ति पर कब्जे को लेकर है। महिला के पिता की मृत्यु के बाद उनके स्थान पर भाई को अनुकंपा (आश्रित कोटे) के आधार पर नौकरी मिली थी।
भाई की मृत्यु के बाद शुरू हुआ क्लेश
दुर्भाग्यवश भाई की भी मृत्यु हो गई। अब भाई के निधन के बाद मिलने वाली सरकारी धनराशि और आश्रित कोटे की अगली नौकरी को लेकर विवाद गहरा गया है। परिवार के अन्य सदस्यों की या तो मृत्यु हो चुकी है या वे लापता हैं। फिलहाल, यह महिला ही अपनी बुजुर्ग और बीमार मां की देखभाल कर रही है।
भाभी पर जबरन बेदखल करने और धमकी का आरोप
शिकायतकर्ता महिला ने अपनी भाभी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि भाभी ने पुश्तैनी मकान पर पूरी तरह से अपना कब्जा जमा लिया है। भाभी ने अपनी बीमार सास (महिला की मां) और ननद को बेदखल कर घर से बाहर निकाल दिया है। महिला का कहना है कि जब भी वह अपनी मां को लेकर घर में रहने या अपना हक मांगने की कोशिश करती है, तो उसे धमकाकर वहां से भगा दिया जाता है।
प्रशासन का सख्त रुख
घर से निकाले जाने और मां की बीमारी से टूट चुकी महिला ने जब आत्मदाह की चेतावनी दी, तो प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने महिला से उसका प्रार्थना पत्र लिया और उसे शांत करवाया। पुलिस और प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी। प्रशासन ने महिला को उसका कानूनी हक दिलाने और मकान पर कब्जा वापस दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का भी आश्वासन दिया है।