सिद्धार्थनगर। चिल्हिया थाना क्षेत्र के गायघाट के काल्हुआ में 7 अक्टूबर 2021 को गोली मारकर हुई हत्या के मामले में कपड़े पर पड़े खून के छींटे के फॉरेंसिक जांच से आरोपी को धरा गया था। पुलिस ने तमंचा बरामद किया और फिंगर प्रिंट के अनुसार से भी आरोप बखूबी साबित हुआ। साक्ष्यों और गवाहाें के बयान के आधार पर फैसला का समय है।
उस दौर के चर्चित हत्याकांड के मामले की जांच से जुड़े पुलिस अधिकारी के अनुसार पहले केस में कुछ समझ में नहीं आ रहा था, क्योंकि कोई कुछ बोल नहीं रहा था। गोली भी भोर में चली थी। आरोपियों का घर पास में था इसलिए शक भी कोई नहीं कर पा रहा था। लेकिन हत्या के बाद इस घर के लोग खामोश थे। मृतक पक्ष से किसी से विवाद के बारे में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने भी धमकी देने की बात बताई। इसके बाद पकड़कर पूछताछ की गई।
मुख्य आरोपी के कपड़े पर खून के छींटे मिले थे। अगल- अलग हुए पूछताछ में तीनों टूट गए। उन्हीं के जरिए तमंचा बरामद हुआ। फिंगर प्रिंट से मैच हुआ, जिसे साक्ष्य के तौर पर रखा गया। इसके बाद आगे विवेचना बढ़ी तो कहीं से विवाद शुरू हुआ। इसकी जड़ क्या थी, जिस कारण हत्या तक बात आ गई। यह सब साफ हो गया। ठोस साक्ष्य के साथ चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत किया गया ताकि हत्या के मामले में न्याय हो।
जमीन के टुकड़े के लिए हुई थी हत्या
चिल्हिया थाना क्षेत्र के गायघाट गांव के टोला कुल्हुआ में 7 अक्तूबर 2021 को मजिस्द में नमाज के दौरान हुई कमरुजमा हत्याकांड में मामला फैसला तक पहुंच गया है। मस्जिद में नमाज के दौरान भूमि विवाद में तमंचे से गोली मारकर हुई इस हत्याकांड में गांव के ही पिता और दो पुत्र आरोपी हैं। किसी जमीन के टुकड़े के लिए हत्या हुई थी। न्यायालय में पुलिस की ओर से प्रस्तुत किए साक्ष्य का परीक्षण चल रहा है। मृतक के भाई सफीरुल्लाह मुकदमें की पैरवी कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें न्याया प्रणाली पर भरोसा है।
चिल्हिया थाना क्षेत्र के गायघाट गांव के टोला कोल्हुआ निवासी कमरुजमा पांच वक्त के नमाजी थे। वह घर से कुछ ही दूरी पर स्थित मस्जिद पर नमाज अदा करने के लिए गए थे। भोर का वक्त था। इसी बीच नजाम अदा करते हुए गोली मारकर हत्या कर दी थी। गोली चलने की आवाज सुनकर लोग दौड़े, लेकिन जबतक पहुंचते वह दम तोड़ चुके थे। इस मामले में मृतक के सफीरुल्लाह ने गांव के ही रहने वाले सिराजुल हक और उसके दो पुत्र कमुम और वसीम पर हत्या का केस दर्ज करके पुलिस ने उसे दिन गिरफ्तार जेल भेज दिया था। विवेचना के बाद चिल्हिया पुलिस की ओर से साक्ष्य एकत्रित करके न्यायालय में चार्जशीट प्रस्तुत किया था। इस मामले की सुनवाई शुरू हो गई है। एक गवाह का बयान भी हो चुका है। अन्य की गवाही कराने की प्रक्रिया चल रही है।
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धमकी के अनुसार हुआ था शक
चिल्हिया थाना क्षेत्र के गायघाट गांव के टोला कोल्हुआ निवासी कमरुजमा का किसी पट्टीदार से जमीन का विवाद था। इसके लिए आरोपी पक्ष से विवाद हुआ था। जिसमें मृतक को देख लेने की धमकी दी गई थी। उसके आने- जाने का वक्त आरोपियों का पता था। उनका घर मस्जिद से कुछ ही दूरी पर था। सबसे नमाज करने के लिए कमरुजमा ही पहुंचे थे। पूरी प्लानिंग के तहत नमाज अदा करने के दौरान गोली से उड़ा दिया था। भाई ने पुराने विवाद को हत्या कारण बताया था। पुलिस की पूछताछ में मामले से पर्दा उठा और पिता और पुत्र दोनों को जेल भेजा गया।
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न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा
मृतक कमरुजमा के भाई और मुकदमें के पैरवी कार सफीरुल्लाह ने बताया कि केस की सुनवाई चल रही है। हमें न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है कि हत्या करने वालों को सजा मिलेगा।बस इसके आगे और कुछ भी नहीं कह सकते हैं।
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बोले शासकीय अधिवक्ता
कमरुजमा हत्याकांड में मामले की सुनवाई चल रही है। एक गवाह का बयान हो चुका है। शेष का बयान कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। साक्ष्य परीक्षण चल रहा है। जल्द ही सुनवाई पूरी होगी और फैसला आने की उम्मीद है।
राजेश कुमार त्रिपाठी, शासकीय अधिवक्ता