खुले आसमान के नीचे किसानों का गेहूं बर्बाद नहीं होगा। जिले के दो बड़े गोदामों में गेहूं का भंडारण होगा। खरीद के तुरंत बाद यह गेहूं इन गोदामों में भेज दिया जाएगा। खरीदे गए गेहूं की मात्रा एक ट्रक होते ही उसे गोदाम में पहुंचाया जाएगा। सभी केन्द्र प्रभारियों को इस बारे में निर्देश दे दिए गए हैं।
गेहूं खरीद प्रक्रिया में सबसे बड़ी चुनौती खरीदे गए अनाज का सुरक्षित भंडारण है। केंद्रों पर पर्याप्त जगह न होने के कारण क्रय केंद्र पर आने वाले किसानों का गेहूं अक्सर खुले आसमान के नीचे पड़ा रहता है। इस बीच बारिश के चलते गेहूं खराब होने की आशंका हमेशा बनी रहती है।
अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए इस बार खरीद के तत्काल बाद गेहूं गोदामों तक पहुंचाने को कहा गया है। केंद्रों पर जैसे ही गेहूं की मात्रा एक ट्रक तक होगी, उसे भंडारण गोदामों तक पहुंचा दिया जाएगा। भंडारण के लिए जिले में दो गोदाम उपलब्ध में है।
इसमें बर्डपुर में स्थित विपणन विभाग के गोदाम की क्षमता साढ़े 5 लाख क्विंटल की है। इसमें नौगढ़, बर्डपुर, शोहरतगढ़, लोटन, जोगिया, उसका सहित आसपास के ब्लॉकों का गेहूं रखा जाएगा। वहीं डुमरियागंज में स्थित डेढ़ लाख क्विंटल के एक अन्य गोदाम में डुमरियागंज, भनवापुर सहित आस-पास के अन्य क्षेत्रों का गेहूं पहुंचाया जाएगा।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी रूपेश सिंह का कहना है कि सभी केंद्र प्रभारियों को इस बारे में निर्देश दिया जा चुका है। इस व्यवस्था से खुले आसमान में गेहूं रखने की नौबत नहीं आएगी। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी व गेहूं खरीद के प्रभारी पीके जैन ने बताया कि क्रय केंद्र शुरू हो चुके हैं।
अब तक 10 मीट्रिक टन की खरीद भी हो चुकी है। केंद्रों की चेकिंग के लिए प्रत्येक तहसीलदार और बीडीओ को जिम्मेदारी दी गई है। वह तीन-तीन केन्द्र की जांच कर रिपोर्ट देंगे। केन्द्र बंद हैं तो ग्रामीण सूचना दें, कार्रवाई होगी।