आजमगढ़ में अधिवक्ता की हत्या के विरोध में सोमवार को जिला बार व सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन संयुक्त रूप से न्यायिक कार्य से विरत रहा। न्यायालय में कामकाज ठपकर अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ता के हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार कर मृतक आश्रित को नौकरी व पेंशन देने की मांग की गई।
बार एसोसिएशन ने ज्ञापन में कहा कि पुलिस-प्रशासन की लापरवाही के चलते आजमगढ़ की घटना हुई है। न्याय के प्रहरी अधिवक्ता समाज में सुरक्षित नहीं रह गए हैं। सरकार इस मामले को गंभीरता से ले और हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाए। मामले में लापरवाह अफसरों पर भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। एसोसिएशन ने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, एक आश्रित को नौकरी व पत्नी को आजीवन पेंशन देने की मांग की।
साथ ही निजी सुरक्षा के लिए अधिवक्ताओं को अनुदान से असलहा खरीदने की व्यवस्था की जाए। ज्ञापन देने वालों में सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह, महामंत्री दिव्य प्रकाश शुक्ल, विनोद कुमार चतुर्वेदी, नवनीत द्विवेदी, अजय चौरसिया, अश्वनी श्रीवास्तव,केशव प्रसाद पांडेय, सिद्धनाथ पांडेय, प्रमोद दुबे, धर्मेन्द्र पाठक, मनीष मणि त्रिपाठी, रविशंकर शुक्ल, विजय कुमार सिंह, अंजनी कुमार दुबे, जय बहादुर सिंह, कन्हैया प्रसाद पांडेय और जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यदेव सिंह, महामंत्री स्वतंत्र कुमार पांडेय, राजीव मोहन कलहंस, गणेश शंकर यादव, मनीष श्रीनेत, संतोष श्रीवास्तव, दिनेश श्रीवास्तव, अनिल सिंह, रामचन्द्र गुप्ता, सुरेश सिंह, त्रिपुरारी नाथ चौधरी आदि शामिल रहे।