- मेंहदी, हल्दी और मंडप में बढ़ी फूलों की खपत
- गेंदे की माला 50 से 60 रुपये तो गुलाब 300 से 500 रुपये किलो बिक रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शादी-विवाह व अन्य मांगलिक कार्यक्रमों की शुरूआत होते ही कस्बे की फूल मंडी खुशबू से महक रही है। घरों से लेकर विवाह मंडप, जयमाल स्टेज और स्वागत द्वार तक फूलों की सजावट की धूम मची हुई है। गेंदा और गुलाब के फूलों की सबसे अधिक मांग से फूलों का कारोबार में काफी उछाल आया है।
फूल मंडी और स्थानीय दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। सजावट के लिए गेंदा, गुलाब, राजनीगंधा और ऑर्किड की खास मांग है। कारोबारियों के मुताबिक, सामान्य दिनों में जहां गेंदा का फूल 30 से 40 रुपये में मिलता था, वहीं अब इसकी कीमत 50 से 60 रुपया तक पहुंच गई है, जबकि गुलाब 300 से 500 रुपये किलो तक बिक रहा है।
फूल विक्रेता शीतल ने बताया कि शादी के साथ धार्मिक कार्यक्रम और गृह प्रवेश जैसे आयोजनों ने भी मांग बढ़ा दी है। बाहर से फूलों की आवक सीमित होने और ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से कीमतों पर असर पड़ा है। दूल्हा-दुल्हन के स्टेज, कार सजावट और एंट्री गेट के लिए विशेष फूलों की सजावट का चलन बढ़ने से ऑर्डर पहले से बुक किए जा रहे हैं। फिलहाल फूलों के दामों में बढ़ोतरी चल रही है।
जयमाला की मालाएं पांच हजार तक बिक रही हैं। अंग्रेजी गुलाब के फूल की गड्डी दो हजार में मिल रही है। मांग बढ़ने के साथ कीमत बढ़ेगी। बढ़ती महंगाई को देखते हुए कई लोग अब आर्टिफिशियल फूलों की सजावट की ओर भी रुख कर रहे हैं। ये फूल टिकाऊ होते हैं, खराब नहीं होते हैं।
दुकानदार राधेश्याम ने बताया कि पुष्प वर्षा, फूलों की लड़ियां और थीम आधारित डेकोरेशन का चलन तेजी से बढ़ा है। यही कारण है कि सहालग शुरू होते ही फूल मंडी पूरी तरह सज-धज कर तैयार नजर आती है। इससे फूल की मांग और महंगाई दोनों बढ़ी है।