राज्य मौसम केंद्र के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण बादल बारिश का मौसम बना है। नेपाल की तराई में शनिवार को भी कहीं बारिश का पूर्वानुमान है। फसल सुरक्षा के साथ बिजली गिरने से होने वाले हादसे बचने की कोशिश करें।
फसल हुई धराशायी तो डबडबा गईं आंखें
बारिश और ओले से फसल धराशायी हुई तो खेत में पहुंचे किसानों की आंखें डबडबा गईं। बर्डपुर के गोसाइगंज के वीरेंद्र यादव खेत पहुंचे तो गिरी हुई फसल की बालियों को हथेली पर लेकर देखने लगे। बालियां और बालियों के अंदर से टूटकर बाहर हुए दाने को देखा तो उनकी आंखे डबडबा गई। उन्होंने इस नुकसान की भरपाई तो सरकारी मुआवजा से नहीं हो पाएगा
कृषि विज्ञान केंद्र सोहना में शनिवार को 2.5 मिमी बारिश दर्ज किया गया। 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली पूर्वा हवा से खेतों में पककर खड़ी गेंहू की फसल जमीन पर गिर गई तो ओले से बालियां टूटकर गिर गई। रिमझिम फुहारों के बीच कहीं खेतों में कंबाइन मशीन चलाकर लोग अनाज बचाने की कोशिश में थे, कहीं कटी हुई दलहन, तिलहन फसलों को ढंकते हुए किसान नजर आए।
कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के वैज्ञानिक डॉ. मार्केंडेय सिंह ने बताया कि ओले पड़ने से गेंहू की बालियां, चना,मटर फलियां टूटकर गिर जाती हैं। फसल गिरने से कटाई का खर्च बढ़ जाएगा और किसान के घर में अनाज कम पहुंचेगा। जहां गेंहू की फसल भींग गई हैं, वह गेंहू बीज के रूप में उपयोगी नहीं होगा। भींगने से गेंहू के दाने काले पड़ जाएंगे और चमक भी कम हो जाएगा। इससे बाजार में कीमत कम मिलेगी। बारिश के साथ ओले पड़ने से गेंहू की फसल में 50 प्रतिशत और भींगने गिरने से 20 प्रतिशत नुकसान की आशंका है।
अब तक नहीं आई सर्वे रिपोर्ट
जिले में एक सप्ताह पहले हुई बारिश से फसलों के हुए नुकसान की रिपोर्ट अब तक तैयार नहीं हुई,जबकि 33 प्रतिशत नुकसान की रिपोर्ट होगी तो फसल बीमा कराने वाले किसानों को मुआवजा मिलेगा। पिछले नुकसान का सर्वे पूरा होने से पहले ही कई क्षेत्रों में फसलों का नुकसान हो गया। जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि फसलों के नुकसान का सर्वें हो रहा है, चार दिन में रिपोर्ट तैयार हो जाएगी।
बिजली गिरने से रहे सतर्क
-बारिश के दौरान तबिजली के खंभे, एकांकी पेड़ों एवं असुरक्षित निर्माण से दूर रहें
-बारिश में किसी धातु को पकड़कर खड़े न रहें, खेत में पेड़ के नीचे या ट्यूबलेब के पास न रहें
-बारिश में पानी में न रहें, घर का बाहर बिजली का उपकरण स्वीच बंद कर दें
-कार में बैठे में हैं तो शीशा चढ़ा, ट्रैक्टर, ट्राली, कंबाइन मशीन से दूर हो जाए
-कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें, उसे भींगने व उड़ने से बचाने की कोशिश करें
25 से 30 प्रतिशत हुआ नुकसान
राजकीय कृषि परिक्षेत्र रिसालतपुर के प्रभारी एसके गौरी के अनुमान के अनुसार बारिश और ओले के कारण क्षेत्र में गेंहू की फसल में 25 से 30 प्रतिशत उत्पादन व गुणवत्ता प्रभावित होगी। पिकौरा, कैथवलिया, युसुफपुर, मोहाने,बनगाई, कटया व पोखरभिटवा सहित कई गांवों के किसानों की फसल बर्बाद हुई है।