आग बुझाने में नहीं आएगी पानी की कमी
एक-एक हजार लीटर पानी की क्षमता वाले दो वाहन साथ चलेंगे
आग लगने के बाद पानी के लिए दौड़ने की मशक्कत होगी कम
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। फसल की कटाई शुरू हुई कि जिले में गेहूं की फसलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ गईं हैं। हर दिन आग लगने से किसानों की फसल जल रही हैं। चाहते हुए अग्निशमन विभाग संसाधन के अभाव में हर जगह समय पर पहुंचकर आग नहीं बुझा पा रहा है। कहीं पानी की कमी तो कहीं वाहन जाने में दिक्कत प्रमुख कारण है। मगर अब पानी की कमी से आग बुझाने का काम नहीं रूकेगा। एक-एक हजार लीटर क्षमता के दो अतिरिक्त वाहनों को साथ लगाया जा रहा है, जिससे पानी की कमी से आग को बुझाने में बाधा उत्पन्न न होने पाए।
जिले में बड़े रकबे पर गेहूं की खेती होती है। यहां किसानों के आय का मुख्य साधन खेती ही है। मगर हर वर्ष इसी सीजन में कटाई के समय अप्रैल और मई माह में फसलों में आग लगने का सिलसिला शुरू होता है। आगजनी की इस घटना में किसानों की हजारों फसल आग की आगोश में समा जाती है। उनकी पूंजी भी चली जाती है। कुछ ऐसा ही इस वर्ष भी किसानों के साथ हो रहा है। मार्च माह के आखिरी सप्ताह से जिले में गेहूं की फसलों में आग लगने का सिलसिला शुरू हुआ जो बदस्तूर जारी है। अब तक किसानों का हजारों बीघा फसल जलकर नष्ट हो चुका है। आगे उन किसानों को अभी भी चिंता सता रही है, जिनकी फसल खेत में है। आग बुझाने में अग्निशमन विभाग अपने स्तर से लगा है, लेकिन संसाधन की कमी के कारण हर स्थान पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। कहीं-कहीं पानी नहीं मिलने से भी आग को बुझाने में दिक्क्त हो रही है। इस मामले में एएसपी ने संज्ञान लिया है। अग्निशमन विभाग की क्षमता को बढ़ाने के लिए व्यवस्था की है। अब 400 लीटर क्षमता वाले फायर टेंडर के साथ एक हजार लीटर क्षमता का टैंकर चलेगा। जरूरत के अनुसार पानी का प्रयोग कर सकेंगे। ऐसे दो वाहन तैयार किए गए हैं। इसमें आग बुझाने के प्रशिक्षित चालक रहेंगे, जो फायर टेंडर के साथ-साथ चलेंगे। जहां पानी खत्म होगा, वहां दोबारा भरकर आग बुझाने में मदद करेंगे। एएसपी सुरेशचंद्र रावत ने कहा कि आग बुझाने में पानी की कमी न हो और समय आग बुझाई जा सके। इसके लिए एक-एक हजार क्षमता के दो टैंक वाहन के साथ लगाए जा रहे हैं, जिससे किसानों को आग के नुकसान से बचाया जा सके।